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अपने बच्चों को कैसे समझाएं

ज्यादातर माता में माता पिता अपनी बात को अपने बच्चों को अच्छी तरह से नहीं समझा पाते हैं और उनसे बहस करने लग जाते हैं| इसका असर यह होता है कि उन दोनों के बीच में दूरियां पैदा होने लग जाती है और बात बिगड़ना शुरू हो जाता है|

अपने बच्चों को कैसे समझाने के 9 आसान तरीके

अगर आप भी अपने बच्चों को सही तरह से नहीं समझा पाते हो तो आज हम आपको सिखाएंगे कि अपने बच्चों को कैसे समझाएं|आप इन 8 तरीकों पर काम करके अपने बच्चों को आसानी से समझा सकते हो तथा उनको अपनी बात मनवा सकते हो| आइए जानते हैं कि अपने बच्चों को कैसे समझाएं|

बहस ना करें

आपको कभी भी किसी भी बात को लेकर अपने बच्चों के साथ बहस नहीं करनी चाहिए| बहुत बार ऐसा होता है कि हम किसी बात को लेकर बहस करने लग जाती है और दोनों तरफ से तर्क वितर्क होने लगते हैं| इसीलिए कभी भी ऐसी स्थिति पैदा ना होने दें बल्कि आराम से बात को समझे और बहस करने से बचें|

जोर से ना बोले

जब भी आप अपने बच्चों को कोई बात समझाने की कोशिश करे तो उसको प्यार से बस शांति से बोले| ना कि आप उसको चिल्लाकर बोले| गुस्से से और जोर से बोलने से आपके बच्चे आपकी बात को अच्छी तरह से ना सुन पाएंगे और ना ही समझ पाएंगे| ऐसा करने से उनको भी गुस्सा आता है|

इसीलिए जरूरी होता है कि हम अपनी जो भी बात उनको समझाना चाहते हैं उसको शांति से बोले और अच्छी तरह से समझाने की कोशिश करें|

सही शब्दों का इस्तेमाल करें

हम जो भी बात अपने बच्चों को समझाना चाहते हैं उसके लिए हमें सही शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए तथा उनको सही तरह से समझाना चाहिए| बहुत बार हम गालियां देने लगते हैं और उन पर चिल्लाने लगते हैं| इसका असर यह होता है कि वह कभी भी हमारी बात को नहीं समझ पाते और बहस का जन्म हो जाता है|

थोड़ी आजादी उन्हें भी दे

अगर आपके बच्चों को आपकी कुछ बात मानने से इंकार कर रहे हैं तो हमें उनको थोड़ी आजादी देनी चाहिए तथा उनके भी कुछ नियम मनाने चाहिए| बहुत बार हम अपने बच्चों पर इतने ज्यादा नियम थोप देते हैं कि वे उनसे आजाद होना चाहते हैं| इसीलिए उन्हें भी थोड़ी आजादी दे और उनको भी थोड़ी मनमानी करने दे|

हर बात को ध्यान से सुने

अगर हम भी अपने बच्चों को अपनी बात समझाना चाहते हैं तो हमें उनका पक्ष भी ध्यान से सुनना चाहिए तथा उनकी हर बात को ध्यान से सुन कर समझना चाहिए| ऐसा करने से वो भी हमारी हर बात को ध्यान से सुनेंगे और उनको समझने की कोशिश करेंगे|

उनके मन की बात को समझने की कोशिश करें

हमें भी अपने बच्चों के मन की हर बात को समझने की कोशिश करनी चाहिए तथा उनकी हर बात को सुनना चाहिए| वे क्या सोच रहे हैं इस बात का हमें पता लगाना चाहिए | तभी हम उनको अपनी बात आसानी से समझा पाएंगे|

ज्यादा नियम बनाने से बचें

हमें अपने बच्चों को कभी भी ज्यादा नियमों के अंदर नहीं बंद करना चाहिए तथा उनको यह नहीं बताना चाहिए कि आपको यह करना है यह नहीं करना है| यह करना है यह नहीं करना है| ऐसा करने से भी आपके बच्चे खुद को बंधा हुआ महसूस करने लगते हैं| इसीलिए जरूरी होता है कि हम ज्यादा नियम बनाने से बचें|

मस्ती करने का थोड़ा समय दें

अगर आप भी अपने बच्चों को इस तरह से समझाना चाहते हैं तो यह बात जान ले कि आपके बच्चों की भी एक जिंदगी है और वह भी अपने मनमानी करेंगे और अपनी कुछ बातें आप पर थोपने की कोशिश करेंगे| इसीलिए हमें उनकी मस्ती के लिए भी उन्हें थोड़ा समय देना चाहिए|

उनके दोस्तों पर ज्यादा सवाल ना उठाओ

हमें कभी भी अपने बच्चों को यह नहीं बताना चाहिए कि आप कौन दोस्तों के साथ रहना है व कोनसे  दोस्तों के साथ नहीं रहना चाहिए| ज्यादातर मां बाप अपने बच्चों के दोस्तों की बुराइयां करने लगते हैं तथा उनको बुरा बताने लगते हैं |इससे भी वो हमसे चिड जाते हैं |इसीलिए जरूरी होता है कि हम उनके दोस्तों पर उंगली नहीं उठाये बल्कि उनको आराम से समझाने की कोशिश करें कि उनके लिए कौन से दोस्त सही है और कौन से नहीं|


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