ईश्वर को कभी दोष ना दें never blame god in hindi

ईश्वर को कभी दोष ना दें never blame god in hindi

ईश्वर ने हम सबको बराबर बनाया है तथा हम सबको बराबर ही शक्ति दी  है|

हमें कोई भी सबसे बड़ी शक्ति दी है तो वह है स्वतंत्र रूप से सोचने की शक्ति और हम उसी शक्ति के द्वारा यानी स्वतंत्र रूप से सोच कर अपने सभी शक्तियों को उजागर कर सकते हैं और अपने जीवन में वह सब कुछ पा सकते हैं, जो हम पाना चाहते हैं| लेकिन अगर हम अपनी सोच के द्वारा अपने सभी शक्तियों को आजाद नहीं करेंगे तो फिर हम ईश्वर को दोष देने के लायक नहीं है| वह हमारा ही दुर्भाग्य है क्योंकि हम अपने प्रतिभाओं का अपनी शक्तियों का सही तरह से इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं|

किस तरह के लोग ईश्वर को दोष देते हैं

जितने भी नकारात्मक प्रवर्ती के लोग होते हैं वह हमेशा ईश्वर को दोष देते रहते हैं| उनको लगता है कि ईश्वर ने उनके साथ अच्छा नहीं किया और पक्षपात किया है| ईश्वर ने  कुछ लोगों को उनसे बेहतर बना दिया और उनको खुद को कमजोर बना दिया| वह अपने जीवन में इसीलिए कुछ नहीं कर पाए क्योंकि ईश्वर ने उनको कमजोर बनाया था|

पर ऐसा बिल्कुल नहीं है ईश्वर ने किसी को भी कमजोर नहीं बनाया है| सभी लोगों की अलग-अलग ताकते हैं लेकिन अगर हम उस ताकत को पहचाने बिना कुछ ऐसे काम करने लग गए जिसमें हमारी ताकत नहीं है तो फिर हम कैसे सफलता प्राप्त करेंगे और फिर हम ईश्वर को दोष भी देंगे क्योंकि हमने सफलता प्राप्त नहीं की|

पर सबसे ज्यादा जरूरी यही है कि हम खुद को पहचाने और वही काम करें जो काम हमें अच्छी तरह से आता है और अगर हम वह करेंगे तो हम असफल हो ही नहीं सकते|

अपनी शक्तियों को पहचाने

 अगर हम एक बार खुद के मन के अंदर उतरकर देखेगी मेरी ताकत कौन कौन सी है तथा मुझे कौन-कौन से काम अच्छी तरह से करने आती है तो शायद आपको काफी सारे ऐसे काम मिल जाएंगे जो आप अच्छी तरह से कर सकते हो और लंबे समय तक कर सकते हो| बस फिर आपको यही करना है कि उन कामों में लग जाए और पूरी लगन के साथ काम करें और लगातार करते रहे|

ऐसा करने से आप भी उस काम में आसानी से सफलता को प्राप्त कर लेंगे लेकिन जब हम खुद को बिना पहचाने ही काम करने लग जाते हैं और ऐसे कामों में लीन हो जाते हैं जिनमें हम अच्छे नहीं होते हैं तो हम कभी भी उन कार्यों को पूरा नहीं कर पाएंगे और असफलता को प्राप्त कर लेंगे और फिर हम ईश्वर को दोष देंगे कि उन्होंने हमें बेहतर नहीं बनाया, इसीलिए मैं असफल हुआ हूं|

इसीलिए सबसे जरूरी है कि हम अपनी सही प्रतिभा का चयन करें और खुद को जाने “की मेरी कौन सी शक्तियां है जिनका में इस्तेमाल कर सकता हूं तथा ऐसे कौन से कार्य है जो मैं अच्छी तरह से कर सकता हूं”|

फिर आप उन्हीं कार्यों को करें जिनमें आप अच्छे हो और फिर ईश्वर भी आपका साथ देगा और आप आसानी से सफलता को प्राप्त कर लोगे |

ईश्वर के विरुद्ध जाने की कोशिश ना करें

 ईश्वर ने हम सब को अलग बनाया है तथा हम सब के पास अलग-अलग शक्ति है|अगर कोई व्यक्ति लेखक बनने के लिए पैदा हुआ है, तो कोई व्यक्ति अच्छा खिलाड़ी बनने के लिए पैदा हुआ है| हम सब के अंदर अलग-अलग प्रतिभा  छुपी हुई है बस जरूरत है उनको पहचानने की है और अगर हम एक बार उस कला को पहचान लेते हैं जो हमारे अंदर बहुत ज्यादा अच्छे रूप से छिपी हुई है तो हम उसको बाहर निकाल कर सफलता को प्राप्त कर सकते हैं|

हम सबके अंदर बहुत ज्यादा गहरी शक्तियां छुपी हुई है और हम ही शक्तियों के द्वारा खुद के अंदर नई प्रतिभाओं का इस्तेमाल कर सकते हैं| इसीलिए जरूरी होता है कि हम अपने बचपन में ही अपनी सही प्रतिभा को पहचान ले और उस शक्ति को भी पहचान ले जिसके  लिए ईश्वर ने हमें बनाया है या जो प्रतिभा हमें ईश्वर ने दी है|

अगर हम उस प्रतिभा को समय रहते ही पहचान लेते हैं तो हमारे लिए जीवन में सफलता प्राप्त करना बहुत आसान हो जाता है इसीलिए आज ही अपने प्रतिभाओं को पहचाने और उन्हीं पर कार्य करके सफलता को प्राप्त कर ले|

(ईश्वर को कभी दोष ना दें never blame god in hindi)

अतः याद रखें(ईश्वर को कभी दोष ना दें never blame god in hindi)

ईश्वर ने हम सबको बराबर बनाया है तथा हम सबको बराबर ही शक्ति दी है| बस ईश्वर ने एक ही गलती की है, वह यह है कि वह शक्ति हम सबके अंदर छुपी हुई है और हमें उनको खुद ही बाहर निकालना होगा|

 ईश्वर ने हमें इसीलिए दिमाग दिया है ताकि हम अपने मन मुताबिक अपने जीवन को जी सके और किसी की गुलामी ना करें| लेकिन फिर भी हम अपने दिमाग का इस्तेमाल लेकर ना लेकर कोई भी काम नहीं करते हैं तो इसमें ईश्वर का कोई दोष नहीं है |हमें स्वतंत्र रूप से सोचना चाहिए और ईश्वर की दी हुई शक्तियों को बाहर निकालना चाहिए और यह तभी संभव है जब हम सकारात्मक विचार अपने मन में लाएंगे और खुद के अंदर नया विश्वास करेंगे|

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