लगातार काम करने का सिद्धांत कैसे बनाए

लगातार काम करने का सिद्धांत कैसे बनाए

ज्यादातर लोगों की यही समस्या होती है कि उनके काम करने का कोई सिद्धांत ही नहीं होता है वह किस समय में काम करेंगे| किस समय काम नहीं करेंगे यह वह कभी सोचा नहीं करते हैं|  जब भी उनके मन में आता है तो वह काम करना शुरू देते हैं और फिर जब मन में आता तो काम करना शरू और तब मन किया बंद कर लेते हैं|

वह कभी भी किसी भी काम को एक सिद्धांत के द्वारा नहीं करते हैं और जब तक आपका काम करने का कोई सही सिद्धांत नहीं होगा तब आप कभी भी कार्य को पूरा भी नहीं कर पाओगे| इसलिए आपके काम करने का एक सही सिद्धांत हो और आप उसी के अनुरूप अपने काम को करते रहे ताकि आप भी किसी भी काम में सर्वश्रेष्ठता  को हासिल कर ले और खुद को महान बना ले| आज हम जानेंगे की हम काम करने का सिद्धांत कैसे बनाए|

आइये शुरू करते हैं काम करने का सिद्धांत कैसे बनाए|

काम करने का सिद्धांतकाम करने के सभी तरीके जान ले

अगर आप भी अपने काम करने के सिद्धांत को बनाना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको जानना होगा कि आप किन-किन तरीकों से अपने काम को कर सकते हैं | जितनी भी तरीके संभव है उतनी सभी तरीके को अच्छी तरह से जान ले | फिर आप उन सभी तरीको  में से उस तरीके को चुन लीजिए जो आपके लिए सही है| वो तरीका चुन लीजिये  जिस तरीके से है काम कम से कम समय में भी पूरा हो सकता है और उसके पूरे होने की भी संभावना बहुत ज्यादा है|

काम को करने का सबसे अच्छा सिद्धांत यही होता है कि आपको काम करने से पहले ही जान ले कि इस काम को करने के नुकसान क्या है और फायदे क्या है और मैं इस काम को किस तरीके से करूंगा|

अगर आप यह तीनों बातें जान लेते हो तो आप उसी के बाद में अपने काम को करना शुरू करें और उस काम को लगातार करते रहे|

काम को करने की ठानना बहुत जरूरी है

सबसे जरूरी यही है कि आप अपने काम को करने की ठान लो कि मुझे हर हालात में यह काम करना है| चाहे परिस्थितियां कितनी भी खराब क्यों ना हो जाए|  फिर भी मैं इस काम को अंजाम दूंगा और उसको पूरा करके अपने उन परिणामों को पाऊंगा जो मैं पाना चाहता हूं |

लोग कभी भी अपने काम को करने की पक्की नहीं ठानते हैं | वह किसी एक दिन काम करते हैं तो फिर 2 दिन वापस काम नहीं करते हैं फिर भी 2 दिन काम करते हैं तो वह 4 दिन वापस काम नहीं करते हैं क्योंकि उन्होंने कोई भी सही चुनाव  नहीं होता है कि मुझे यही काम करना है|

लेकिन  जब आपकी काम करने की ठान लेते हो तो फिर आप उस काम में अपना शत-प्रतिशत दे सकते हो और अपना सारा समय , अपना पूरा शरीर उसी में झोक सकते हो फिर आप कभी भी उस काम को छोड़कर कुछ और नहीं कर पाएंगे |

इसीलिए काम करने का दूसरा सिद्धांत यही है कि आपको अपने काम को पूरा करने की ठानी होगी और खुद से कहना होगा कि चाहे कुछ भी हो जाए “मैं इस काम को अंजाम दूंगा” और” मैं उसको पूरा करके दिखाऊंगा”|

काम करने का सिद्धांत

अपने सही समय का सिद्धांत बनाएं

ज्यादातर लोग कभी भी यह नहीं सोचते हैं कि मैं किसी काम को कितनी देर तक करूंगा|  बल्कि अगर हम भी अपने काम को करने के सही सिद्धांत बनाना चाहते हो तो हमें अपने हर काम को करने का एक सही समय निश्चित करना होगा कि चाहे कुछ भी हो जाए “मैं हर दिन कम से कम कितने घंटे काम जरूर करूंगा” या “मैं सप्ताह में इतने घंटे काम करूंगा”|

  • जब आप अपने काम करने के समय को फिक्स कर लेते हैं तो फिर आप अपने दिन के कार्यक्रम को उसी तरह से बना सकते हो और उसी तरह से आगे बढ़ सकते हो|
  • इसीलिए जरूरी है कि हम पहले ही जान ले की” मैं इस काम को इतनी देर तक करने वाला हूं” और” इतने दिनों तक करने वाला हूं”| ताकि फिर हमारा लक्ष्य भी सही तरह से स्पष्ट हो जाए और हम उसी के अनुरूप काम करते रहे|

अगर आप इन तीनों तरीकों(काम करने का सिद्धांत) को अपनाते हो तो आपका अपना खुद का सिद्धांत बना लेते हो |  इस तरह आप हर काम को आसानी से पूरा कर पाओगे |

  • सबसे जरूरी बात यही है कि काम को करने से पहले यह जान ले कि आप अपने काम को किन-किन तरीकों से करोगे| तथा जब आप यह काम करोगे तो इसके नुकसान क्या होगा और उसके फायदे क्या होंगे |
  • फिर जब आप उस काम को करने लग जाओ तो आपको ठानना होगा कि” मैं इस काम को हर हाल में पूरा करूंगा फिर चाहे मुझे कितनी भी म्हणत क्यों न करनी पड़े ”|  “कि चाहे कुछ भी हो जाए मैं इस काम को पूरा कर कर ही रहूंगा”
  • उसके बाद में आपको अपने काम को करने का एक सही समय निर्धारित करना होगा ताकि आप उस उस काम को सही समय के अंदर ही पूरा कर पाए|

अगर आप इन तीनों सिद्धांतों(काम करने का सिद्धांत) को काम में लेते हो तो आप किसी भी काम को आसानी से पूरा करके सफलता को प्राप्त कर सकते हो|


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