निराशावादी नहीं बल्कि आशावादी बनिए

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निराशावादी नहीं बल्कि आशावादी बनिए

अगर हम बाहरी दुनिया में जाए और देखे की कौन व्यक्ति दुखी है और कौन व्यक्ति खुश है| तो हम पाएंगे कि ज्यादातर लोग निराश ही है और उनका नजरिया भी निराशावादी ही है|

निराशावादी नजरिया हमें कमजोर बना देता है और आशावादी नजरिया हमारे अंदर उम्मीदों को जगा कर हमें मजबूत बना देता है|इसलिए निराशावादी नहीं बल्कि आशावादी बनिए|

आज हम आपको बताएंगे कि निराशावादी नजरिया हमें किस तरह से प्रभावित करता है और आशावादी नजरिया हमे किस तरह से प्रभावित करता है और दोनों में से कौन सा ज्यादा बेहतर है|

निराशावादी नजरिया समस्याओं पर ध्यान देता है

 जब हमारा नजरिया निराशावादी हो जाता है तो हम अपने आसपास सभी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना शुरू कर देते हैं और हमको लगता है कि हमारा जीवन समस्याओं से ही भरा हुआ है और हमारे जीवन में किसी भी तरह का कोई भी अवसर नहीं है| हम हार जाते हैं और खुद को कमजोर समझ कर काम करना बंद कर देते हैं|

आशावादी नजरिया अवसरों की तलाश करता है

जहा पर निराशावादी नजरिया हमेशा समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करता है वहीं पर आशावादी नजरिया हमेशा अवसरों को ढूंढता रहता है | जिस व्यक्ति के पास आशावादी नजरिया होता है वह अपने सकारात्मक सोच की शक्ति के द्वारा आसपास सभी घटनाओं को ध्यान से देखता है और यह तलाश करता रहता है कि किस क्षेत्र में मेरे लिए अवसर है, जिनमें मैं कुछ अच्छा कार्य करके सफलता को प्राप्त कर सकता हूं |

इसीलिए अगर आप भी अपने निराशावादी  नजरिए को छोड़ने के लिए आपको अपनी समस्याओं से ध्यान हटाकर अवसरों को ढूंढना शुरू करना होगा |

अपने आसपास की हर चीज को ध्यान से देखें और देखें कि आप किस क्षेत्र में अच्छा कार्य कर सकते हैं और उस क्षेत्र को चुन ले|  उसमें कार्य करना शुरू कर दें|  जैसे ही आप कार्य करना शुरू कर देंगे आपको अनुभव प्राप्त होगा और उसी से फिर आप अपने सीखने की गति को बढ़ा सकते हो और कार्य को आसानी से समझ कर उसमें सफलता को प्राप्त कर सकते हो|

हम जितने ज्यादा अवसर ढूंढते रहेंगे हमारा नजरिया उतना ही ज्यादा आशावादी अपने आप ही बनता चला जाएगा|

निराशावादी नजरिया हमे कमजोर बनाता है और आशावादी नजरिया  हमें मजबूत बनाता है|

जब हमारा नजरिया निराशावादी नजरिया हो जाता हैं तो हम  खुद को कमजोर समझने लगते है और हमको  लगता है किहम  कुछ बड़ा करने के लिए जीवन में नहीं आये है | और हम कभी भी कुछ बड़ा नहीं कर पायेंगे|

आशावादी दृष्टिकोण क्या होता है

जब हमारा नजरिया आशावादी बन जाता है तो हम अपने सोचने के तरीके भी बदल जाते हैं और हमको लगता है कि हम जीवन में कुछ बड़ा करने के लिए आए हैं और हम कुछ बड़ा करने की तलाश में जुट जाते है और सफलता को भी प्राप्त करते हैं|

इसीलिए अगर आप भी अपने जीवन में कुछ बड़ा करना चाहते हो तो आज से ही अपने निराशावादी नजरिए को छोड़ दे और आशावादी नजरिया को अपना लें |

निराशावादी नजरिया कैसे हमे बर्बाद करता हैं और आशावादी नजरिया कैसे हमे आबाद करता हैं|

आशावादी नजरिया ऐसा है जो आपकी जिंदगी की काया पलट सकता है और आपके सभी सपनों को पूरा कर सकता है बल्कि इसके बजाय आशावादी नजरिया आपकी जिंदगी को बर्बाद करने की ताकत रखता है| यह धीरे-धीरे आपको दीमक की तरह अंदर ही अंदर खा जाएगा और आपको इतना कमजोर बना देगा जितना शायद आपने कभी सोचा भी नहीं होगा और आपका जीवन पशु की जिंदगी से भी बदतर बन जाएगा|

इसीलिए आशावादी नजरिया को अपनाने की कोशिश करें ना कि निराशावादी नजरिए को|

निराशावादी नजरिया दुःख से भर देता है तो आशावादी नजरिया तनाव से मुक्त करता है|

 देखा गया है कि जिन लोगों का नजरिया निराशावादी  होता है वे पूरे दिन तनाव से भरे रहते हैं|  वह अपने जीवन से ऊब जाते हैं और उनको लगता है कि वह अपने जीवन में कुछ अच्छा नहीं कर पाए तो उनके साथ कैसा होगा और उनकी यही सोच उनको और भी बुरा बना देती है और उनके carear  को और भी ज्यादा बदतर बना देती है|

लेकिन जिन लोगों का आशावादी नजरिया होता है वह बिना दबाव में काम को करना जानते हैं और वह हमेशा अच्छे की उम्मीद करते रहते हैं| जब आप तनावमुक्त रहकर कार्य करेंगे तो आप कभी भी दबाव महसूस नहीं करेंगे और आप अच्छी तरह से अपने विचारों को नियंत्रित कर पाएंगे|

दबाव में हम अपने विचारों को नियंत्रित नहीं कर सकते फिर हम को अपने विचार नियंत्रित करना शुरू कर देते हैं| इसीलिए हमे हमेशा तनाव से दूर रहकर कार्य करना चाहिए और विचारों को अपने नियंत्रण में रखना चाहिए ना कि हम अपने विचारों के नियंत्रण में रहे और इसके लिए आपका नजरिया आशावादी होना जरूरी हैं|इसलिए निराशावादी नहीं बल्कि आशावादी बनिए|

निराशावादी और आशावादी के स्वभाव में क्या अंतर होता है

निराशावादी नजरिया आपका जीवन नहीं बदल सकता|पर आशावादी नजरिया आपका पूरा जीवन बदल सकता है और आपको वह सब कुछ दे सकता है जो आपको चाहिए|इसलिए निराशावादी नहीं बल्कि आशावादी बनिए|

मैं आपको कुछ और बातें बता रहा हूं जिनसे आप अच्छी तरह से समझ जाओगे कि निराशावादी नजरिया बेहतर है या आशावादी नजरिया|

सफलता के लिए आशावादी होना आवश्यक है

  • निराशावादी नजरिया हमें कमजोर बनाता है वहीं पर आशावादी नजरिया हमे  शक्तिशाली बनाता है|
  • निराशावादी नजरिया हमें अपने लक्ष्य से भटका देता है तो आशावादी नजरिया हमें अपने लक्ष्य पर ले आता है और हमारे सपनों को हासिल करने में हमारी मदद करता है|निराशावादी नजरिया वाले व्यक्ति हमेशा अपनी समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करके उनको और भी ज्यादा बढ़ा लेते हैं वहीं पर आशावादी व्यक्ति अवसरों पर अपना ध्यान रख कर अपने नए अवसरों को बना लेते हैं और उनका फायदा उठाकर सफलता को प्राप्त कर लेते हैं ||इसलिए निराशावादी नहीं बल्कि आशावादी बनिए|
  • निराशावादी सोच वाले व्यक्ति हमेशा खुद को कमजोर समझ लेते हैं और काम करना बंद कर देते हैं| इसीलिए वह असफलता को प्राप्त करते हैं वहीं पर आशावादी नजरिया वाले व्यक्ति अपनी शक्ति को पहचान लेते हैं और लगातार कार्य करके सफलता को प्राप्त कर लेते हैं|

निराशावादी दृष्टिकोण  व्यक्ति पर क्या प्रभाव पड़ता है

  • निराशावादी नजरिया विश्वास को कमजोर बना देता है| और आशावादी नजरिया  हमारे अंदर नया विश्वास भरकर हमें आत्मविश्वासी  इंसान बना देता है और महान इंसान बनने में हमारी मदद करता है|
  • निराशावादी नजरिया हमे दुःख से भर देता है और हमारे मन में नई-नई चिंताओं को पैदा करता है वहीं पर आशावादी नजरिया हमे तनाव मुक्त करता है और हमारे मन में नई आशाओं का जन्म होता है और हम उसी आशाओं के दम पर काम करना शुरू करके सफलता को प्राप्त कर सकते हैं |
  • निराशावादी नजरिया हमारी प्रेरणा की शक्ति को खत्म कर देता है वहीं पर आशावादी नजरिया हमें काम करने के लिए प्रेरित करता है और तनावमुक्त होकर काम कर सकते हैं|
  • निराशावादी नजरिया हमारे जूनून को खत्म कर देता है और हमारी सभी इच्छाओं को मार देता है वहीं पर आशावादी नजरिया हम के हमारे अंदर नया जोश भरकर हमारी इच्छाओं को जगा देता है फिर हम उनको लिए काम करना शुरू करके सफलता को प्राप्त कर सकते हैं |

क्या मनुष्य को आशावादी होना चाहिए

हां मनुष्य को आशावादी होना चाहिए| |इसलिए निराशावादी नहीं बल्कि आशावादी बनिए|

अतः आपने जाना कि किस तरह निराशावादी नजरिया हमारे जीवन को बर्बाद कर सकता है और आशावादी नजरिया हमारे जीवन को बचा सकता है| आशावादी नजरिया हमे वह सब कुछ दे सकता है जो हमें अपने जीवन से चाहिए| इसीलिए निराशावादी नजरिए छोड़ देने की पूरी कोशिश करें और आशावादी नजरिया अपना लें|


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