crossorigin="anonymous"> निराशा का त्याग करना कैसे बेहतर होता है

निराशा का त्याग करना कैसे बेहतर होता है

निराशा का त्याग करना कैसे बेहतर होता है

जो व्यक्ति हमेशा निराशा से भरा रहता है वह कभी भी अच्छे निर्णय नहीं लेता और उसकी बुद्धि पूरी तरह से नष्ट हो जाती है|

निराशा जैसे विचार हमारी बुद्धि के लिए विष जैसे विचार है और खुशी जैसे विचार हमारी बुद्धि के लिए अमृत जैसे विचार है| इसीलिए अगर हम अपनी बुद्धि को अमृत देने की बजाय विष देंगे और अपने दिमाग को हमेशा निराश रखने की कोशिश करेंगे तो इससे हमारी बुद्धि बिल्कुल ही कमजोर  हो जाती है और हमारा दिमाग व शरीर दोनों सुस्त हो जाते हैं |

इसका असर यह होता है कि हम सुस्त हो जाते हैं और अपने हर काम को देरी से करना शुरू कर देते हैं या कभी उनको पूरा ही नहीं कर पाते हैं|

उदासी एक ऐसा रोग है जो इंसान खुद ही बनाता है और अपने शरीर में उसको प्रवेश करने देता है और जब यह रोग इंसान को हो जाता है तो वह जिंदगी भर ठोकरें खाते रहता है और अपनी समस्याओं से लड़ता रहता है |वह चाह कर भी किसी भी अवसर का फायदा नहीं उठा पाता और अपनी जिंदगी को पूरी तरह से बर्बाद कर लेता है| इसीलिए जरूरी है कि हम अपने शरीर के अंदर निराशा को कभी भी प्रवेश ना करने दें और उसको दूर ही रखें |

आइए आप जानते हैं कि निराशा आपके लिए कैसे खतरनाक है और यह आपको कैसे कमजोर बनाती है|

निराश व्यक्ति कभी भी अच्छा काम नहीं कर सकता

जितने भी निराश व्यक्ति होते हैं वह कभी भी अच्छा काम नहीं कर सकते| उनका एक ही कहना होता है कि उनका किसी काम में मन ही नहीं लगता| वह करे तो क्या करें?

अगर आप निराश रहोगे तो ऐसा ही होगा| आपका मन तो निराशा में डूबा हुआ है वह तो उन्हीं को पसंद करता है और आपका दिमाग को ऐसे ही विचार बनाना भी शुरू कर देता है |इसका असर यह होता है कि हमारा उत्साह पूरी तरह से खत्म हो जाता है और किसी भी काम को लेकर हमारा जोश जुनून भी खत्म होने लगता है| हमारे दिमाग में एक ही चीज चलती है वह है कि हमें दुखी रहना है क्योंकि निराशा हमें दुखी रहना सिखा देती है|

इसीलिए हम निराशा को आज ही त्याग दें|

हमारे जीवन की प्रगति को रोक देती है

अगर आप भी निराश व्यक्ति हो और हमेशा अपने चेहरे पर मायूसी को रखते हो तो हमारे जीवन की प्रगति ही रुक जाती है|

  • हम कभी खुद को सुधार नहीं पाते
  • हमारा आत्मविश्वास बिल्कुल निचले स्तर पर चला जाता है
  • हमको लगता है कि अब हम किसी काम के नहीं है
  • हम खुद को पूर्ण रूप से अयोग्य समझने लगते हैं

और इसी का असर होता है कि हम कभी भी कुछ अच्छा करने का प्रयास ही नहीं करते| जब हम प्रयास करना छोड़ देते हैं तो इससे हमारे जिंदगी पूरी तरह से ठप हो जाती है और समय के साथ हम कभी भी आगे नहीं बढ़ पाते | हमारी सभी मानसिक शक्ति हमारे मन के अंदर ही दब जाती है वह भी कभी भी बाहर नहीं निकल पाते, जिनके कारण हम कभी भी अच्छे निर्णय नहीं ले पाते हैं और हमारा जीवन बर्बादी की राह पर चल पड़ता है|

इसीलिए अगर आप भी अपने जीवन की प्रगति को हमेशा आगे बढ़ाते रहना चाहते हो तो निराशा से दूर रहें और इसको अपने शरीर में प्रवेश ना करने दें|

निराशा ही सबसे बड़ा रोग है

कैंसर जैसे रोग भी निराश व्यक्तियों को ही होते हैं| अगर आप निराश रहते हो तो इससे आपकी चिंता और तनाव बढ़ने लगता है आप अच्छे निर्णय नहीं ले पाते हो| यह आपके पूरे शरीर को सुस्त कर देता है और आपको कभी भी काम नहीं करने देता |इसीलिए कहा जाता है कि निराशा ही सबसे बड़ा रोग है जो वो जो आपके शरीर के साथ-साथ आपके जीवन पर भी असर डालती है और आपके मन में दिमाग पर भी असर डालती है|

इसीलिए अगर हम भी अपने कैरियर को आगे बढ़ाना चाहते हैं तो हमें निराशा रहना बंद करना होगा और खुद को खुश रखने की पूरी कोशिश करनी होगी|

पुरानी चीज को सोच कर कभी भी निराश ना हो

ज्यादातर लोगों की निराशा का यही कारण होता है कि उनके साथ अतित में कुछ ऐसा घटित हुआ होता है जो इनको हर पल निराश करता रहता है| पर एक बार आप सोच कर देखिए जो अतीत में घट चुका है आप उसे निराश रहकर भी नहीं बदल सकते तो आप उसको खुश रह कर भी नहीं बदल सकते हैं|  लेकिन अगर आप वर्तमान में खुश रहोगे या निराश रहोगे तो इससे आपका भविष्य भी बदल जाएगा|

इसीलिए अतीत के बारे में सोच कर अपने आपको निराश करना कोई भी बुद्धिमानी  वाला निर्णय नहीं होगा| इसीलिए अपने अतीत के बारे में भूल जाए| जो हुआ है वह हो चुका है और उसे बदला नहीं जा सकता| पर हम उसके बारे में खुद को की सोच को बदल सकते हैं|

 इसीलिए आपके साथ अतीत में जो भी बुरा हुआ है उन चीजों को भूल जाए| उनको याद ना करें बल्कि उन चीजों को याद करें जो आपके साथ अच्छी हुई है क्योंकि जब आप उन चीजों को याद करेंगे जो आपके साथ अच्छी हुई है तो इससे आपके निराशा भी दूर भाग जाएगी और आप खुश रहेंगे और उसी से हमारा भविष्य भी आगे वैसा ही बनेगा, जैसा हम चाहते हैं|

 इसीलिए अतीत में हो रही घटनाओं को कभी भी याद ना करें अगर करना ही है तो उन घटनाओं को याद करें जिन्होंने आपको खुशी दी थी| जिन्होंने आपको पसंद आती थी| जिन्होंने आपके अंदर उत्साह भरा था और उनको याद करके खुद को और भी ज्यादा खुश करके अपने भविष्य की योजना बनाकर सफलता को प्राप्त कर ले|


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