लक्ष्य निर्धारण में समस्या

लक्ष्य निर्धारण में समस्या

अगर आप भी लक्ष्य को निर्धारित नहीं कर पा रहे हो, तो आज हम आपको बताएंगे कि आखिर आप क्यों नहीं कर पा रहे हो तथा लक्ष्य निर्धारण करने में क्या-क्या समस्याएं आती है, यह भी हम आपको बताएंगे|

लगातार मेहनत ना करना

लगातार मेहनत ना करने वाले लोग भी कभी भी अपने लक्ष्य को निर्धारित नहीं कर पाते हैं क्योंकि जब आप लगातार मेहनत नहीं करते हो, तो आप का ध्यान आपके  लक्ष्यों की बजाय आसपास के माहौल पर केंद्रित हो जाता है और फिर हम अपने लक्ष्यों से पूरी तरह से भटक जाते हैं| हमारे मन में धीरे-धीरे आलस्य बनने लगता है ,और हम अपने लक्ष्य को भूल जाते हैं और हमारा भविष्य हमेशा के लिए बर्बाद हो जाता है|

लेकिन जब हम लगातार मेहनत करते जाते है तो हमें हमारे लक्ष्य याद भी रहते हैं तथा हमारी तो प्रगति  भी हमेशा बढ़ती रहती है| इसीलिए हमें हमेशा लगातार मेहनत करते रहना चाहिए व बार-बार खुद को अपने लक्ष्य याद दिलाते रहना चाहिए ताकि हम अपने रास्ते से भटक ना जाए|

स्पष्ट लक्ष्यों का ना होना

लक्ष्य निर्धारण में समस्या
लक्ष्य निर्धारण में समस्या

यह समस्या भी ज्यादातर लोगों की होती है| उनको सही तरह से मालूम ही नहीं होता कि, वह बनना क्या चाहते हैं और जब आपके लक्ष्य स्पष्ट नहीं होते ,तो फिर आपके लिए सफलता प्राप्त करना और भी ज्यादा मुश्किल हो जाता है |लक्ष्य स्पष्ट होने का मतलब है, कि आपको सही सही से पता होना चाहिए, कि आप खुद को क्या बनते हुए देखना चाहते हैं और आपको यह भी पता होना चाहिए कि आप की ताकत क्या है और जब आपको आपकी ताकत का अंदाजा लग जाए तो आप अपना सही सपना आसानी से चुन पाओगे|

तो अगर आप भी अपने सभी लक्ष्यों को पूरा करना चाहते हैं तो आज से ही आपको अपना सही लक्ष्य चुन लेना चाहिए और अपने सभी लक्ष्य बिल्कुल स्पष्ट रखना चाहिए| कि “हां अगर मैं करूंगा तो यही करूंगा” और फिर पूरी जी जान लगाकर उस लक्ष्य पर ध्यान लगा ले और सफलता को प्राप्त करें|

खुद से प्रेरित ना होना

लक्ष्य निर्धारण में समस्या
लक्ष्य निर्धारण में समस्या
  • अक्सर हम अपने लक्ष्यों का निर्धारण नहीं कर पाते हैं क्योंकि हम खुद से प्रेरित नहीं होते हैं| खुद से प्रेरित होने वाले लोगों की संख्या बहुत ही कम है और जो भी लोग खुद से प्रेरित होते हैं, वह सफलता भी जरूर प्राप्त करते हैं| जो लोग भी खुद से प्रेरित नहीं होते हैं, वह किसी बाहरी प्रेरणा का इंतजार कर रहे होते हैं और उसी और उस बाहरी प्रेरणा का असर भी उन पर ज्यादा देर तक नहीं रहता और इसी कारण वे कभी भी अपने लक्ष्यों का ना तो निर्धारण कर पाते हैं और ना ही उनको हासिल कर पाते हैं|
  • तो अगर हमें भी अपने लक्ष्यों का निर्धारण व उनको हासिल करना है, तो हमें खुद से प्रेरित करना चाहिए और आप स्वयं से स्वयं को प्रेरित तभी कर सकते हो ,जब आप खुद की तारीफ करते जाए| जब आपको लगता है कि आप कुछ अच्छा कर सकते हो, तो आप खुद से प्रेरित जरूर होंगे इसीलिए खुद की तारीफ करके खुद को Motivate और अपने लक्ष्य को पाते जाए|

दूसरों पर निर्भर होना

  • ज्यादातर लोग अपनी जिंदगी को दूसरों के कंधों पर डालना चाहते हैं| इसीलिए वे कभी भी अपने खुद के कोई भी लक्ष्य नहीं बनाते हैं, क्योंकि उनको लगता है कि उनको काम करने की आवश्यकता नहीं है बल्कि दूसरे ही उनके लिए काम कर देंगे| जब हम दूसरों पर निर्भर हो जाते हैं तो हम कभी भी अपने लक्ष्यों का निर्धारण नहीं कर पाते हैं और ना ही उन्हें हासिल कर सकते हैं|
  • इसीलिए अगर हमें भी अपने GOAL को पहचानना है व उनको हासिल करना है तो हमें कभी भी दूसरों पर निर्भर नहीं रहना चाहिए| हमें खुद की क्षमता पर पूरा विश्वास करके खुद जिम्मेदारी को उठाना चाहिए और अपने लक्ष्य के लिए पूरी ईमानदारी के साथ कार्य करना चाहिए और जब आप यह करोगे, तो आपकी सफलता निश्चित है|

खुद की क्षमता पर विश्वास ना होना

लक्ष्य निर्धारण में समस्या
लक्ष्य निर्धारण में समस्या

एक बार जब हमको यह लगने लगता है, कि हमें लक्ष्य को नहीं पा सकते| तो भी हम अपने लक्ष्यों का निर्धारण करने से डर जाते हैं| हमको लगता है, कि अगर हमने अपने लक्ष्यों का निर्धारण कर लिया और अगर हम उनको हासिल नहीं कर पाए, तो दुनिया को क्या मुंह दिखाएंगे और इसी चक्कर में हम अपने लक्ष्य ना तो बनाते हैं और ना ही किसी को बताते हैं|

तो अगर आप भी इसी डर के साथ जी रहे हो, तो आप को भी इस बार कोशिश करके देखनी चाहिए और अपने लक्ष्य को निर्धारण करना चाहिए| अपने GOAL को निर्धारीत करके आप अगर पूरी मेहनत के साथ काम करते जाते हो तो आप जल्द ही सक्सेस को पा लेंगे

आलस्य का होना

आलस्य असफलता की सबसे बड़ी जड़ है|

किसी भी इंसान का मन जब आलसी हो जाता है, तो वह ना तो कभी अपने लक्ष्य बनाते हैं और ना ही कभी उनको पाने की कोशिश करते हैं| आलस्य असफलता की सबसे बड़ी जड़ है और अगर हम भी आलसी है, तो हमें इसे जल्द से जल्द दूर करना चाहिए, क्योंकि जितने भी लोग आलसी है, ना तो उनके लक्ष्य निर्धारित है और ना ही वह कुछ करना चाहते हैं|

जब हम एक बार अपने जीवन से आलस्य को मिटाकर मेहनती इंसान को अपने अंदर ले आते हैं, तो फिर हमारे लक्ष्य भी अपने आप निर्धारित होने लगते हैं और उनको पाने की योजनाएं भी अपने आप सामने आने लगती है| इसीलिए हमें आलसी ना होकर हमेशा मेहनती होना चाहिए और अगर हम यह करेंगे तो हम जरुर सफलता प्राप्त करेंगे|

योजनाओं का ना होना

हम अपने लक्ष्यों का निर्धारण इसलिए भी नहीं करते क्योंकि हमारे पास कोई भी स्पष्ट योजना नहीं होती है| हमें नहीं पता होता है, कि हम कैसे इन लक्ष्यों को प्राप्त करेंगे| तो अगर आपके पास भी किसी भी लक्ष्य की योजना नहीं है तो आराम से बैठे और सोचे कि “मैं कैसे इन लक्ष्यों को हासिल कर सकता हूं” | और जब आप इस तरह अपने दिमाग पर दबाव देंगे, तो वह अपने आप ही आपको योजना बताना शुरू कर देगा|

हम योजना इसीलिए नहीं बना पाते हैं क्योंकि हम इनको बनाने की कोशिश ही नहीं करते हैं लेकिन जब हम एक बार अपने लक्ष्यों के लिए योजनाएं बनाने पर विचार करने लगेंगे, तो हमारे सामने भी हजारों नई नई योजनाएं आती रहेंगी और शायद उनमें से कोई योजना तो ऐसी होगी ही होगी, जो हमें सफलता प्रदान करेगी| इसीलिए हमें अपना समय योजनाएं बनाने में जरूर देना चाहिए|

फाइनल थॉटलक्ष्य निर्धारण में समस्या

तो अगर हम इन सभी समस्याओं को मिटा देते हैं, तो आसानी से हम अपने लक्ष्यों का निर्धारण भी कर सकते हैं और उनको पा भी सकते हैं| बस आपको इन सभी तरीको को अपनाकर अपने जीवन में इनको उतारना होगा और उसके बाद आपका जीवन अपने आप ही बदलना शुरू हो जाएगा और आप सफलता को प्राप्त कर लोगे|

सारांश

  • जब आप लगातार मेहनत नहीं करते हो, तो आप अपने लक्ष्यों का निर्धारण करने में असमर्थ होते हो|
  • जब आपके GOAL अच्छी तरह से तय नहीं होते हैं, तो भी हम अपने लक्ष्यों का निर्धारण करने में असमर्थ हो जाते हैं|
  • जो लोग खुद से प्रेरित नहीं होते हैं वह भी कभी अपने लक्ष्यों का निर्धारण नहीं कर पाते हैं|
  • जो लोग हमेशा दूसरों से उम्मीद करते रहते हैं तथा दूसरों पर निर्भर रहते हैं, वह भी कभी अपने लक्ष्यों का निर्धारण नहीं कर पाते हैं|
  • जिन लोगों की दिनचर्या में आलस्य ही आलस्य होता है, वह भी कभी भी अपने लक्ष्यों का निर्धारण नहीं कर पाते और कभी उनको हासिल नहीं कर पाते|
  • जो लोग खुद पर भरोसा नहीं करते हुए भी कभी लक्ष्यों का निर्धारण नहीं कर सकते इसीलिए हमें खुद पर भरोसा जरूर रखना चाहिए और अपने लक्ष्यों का निर्धारण कर लेना चाहिए|

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