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संदेह आपका शत्रु कैसे है|

संदेह आपका शत्रु कैसे है

  • एक बार अगर किसी व्यक्ति को संदेह होने लगता है तो वह अपने लक्ष्य से भटक जाता है|  
  • वह अपने रिश्तो पर शक करना शुरू कर देता है|
  • वह अपने मित्रों से दूर हो जाता है और उसका अपने हर काम से विश्वास उठ जाता है|
  • जब इंसान अपने आप पर ही संदेह करने लग जाता है तो उसकी प्रगति रुक जाती है और वह खुद को कमजोर समझने लगता है|

जब इंसान का दूसरों पर संदेह करने लग जाता है तो वह दूसरों पर शक करने लगता है और उनसे दूरी भी बना लेता है| इसीलिए संदेह हमारे जीवन का शत्रु है|

आइये जानते हैं संदेह आपका शत्रु कैसे है और ये कैसे आपके जीवन को बर्बाद करता चला जाता हैं|

आइये अब शुरू करते हैं की संदेह आपका शत्रु कैसे है

असफलता का संदेह

ज्यादातर लोगों को ही असफलता का संदेह होता है|फिर उनको महसूस होता हैं की वह अपने जीवन में सफलता को प्राप्त नहीं कर सकते| इसीलिए वह कार्य क्यों करें और अगर वह कार्य करने भी लग जाते हैं तो उनको थोड़े समय बाद ही संदेह होने लगता है कि वो इस कार्य में असफलता प्राप्त करेंगे|

उनको संदेह होने लगता हैं की इतना काम करने के बाद भी अगर उन्होंने सफलता को प्राप्त नहीं किया तो उनकी सारी मेहनत बेकार चली जाएगी| इसी संदेह के चक्कर में वह अपने कार्य पर पूरा ध्यान नहीं दे पाते हैं या कभी-कभी ऐसा भी होता है कि वह कार्य को करना छोड़ ही देते हैं|

इसीलिए अगर आपके भी मन में एक बार संदेह का बीज आ गया तो आप हमेशा यही सोचेंगे कि आप असफलता को प्राप्त करेंगे और इसका असर यही होगा कि आप कमजोर पड़ जाएंगे और काम करना बंद कर देंगे|

इसीलिए जरूरी है कि आप कभी भी यह नहीं सोचे  कि यह काम आपका सफल नहीं होगा बल्कि आपको हर समय खुद में विश्वास रखना चाहिए कि “हां मैं इस काम में सफलता प्राप्त करूंगा” क्योंकि विश्वास के द्वारा ही संदेह को दूर किया जा सकता है| इसीलिए विश्वास की शक्ति का इस्तेमाल करें और अपने संदेह को दूर कर ले और लगातार काम करते रहे|

संदेह से डर पैदा होता है

देखा गया है कि जो इंसान संदेह करने लगता है वह डरा भी होता है और येही सोचता रहता हैं कि उसके साथ अगले समय क्या होगा|

  • वह दूसरों पर शक करने लगता है|
  • वह नए रिश्तो में आने से डरने लगता है| इसीलिए उसके सभी रिश्ते टूटने लगते हैं|
  • वह आसानी से नए लोगों से मिल भी नहीं पाता है|
  • जो व्यक्ति अपनी सफलता पर संदेह करने लगता है वह अपने भविष्य से डर जाता है और अपने काम पर उतना ध्यान नहीं दे पाता जितना वह दे सकता था|

संदेह आपके डर को बहुत ज्यादा बढ़ा देता है| इसीलिए संदेह को दूर रखना आवश्यक है ीाके लिए खुद के अंदर विश्वास बढ़ाना जरुरी हैं | इसीलिए आज से ही खुद के अंदर विश्वास बढ़ाना  शुरू कर दे फिर संदेह अपने आप ही दूर होता चला जाएगा|

संदेह के कारण लोग कार्य करना छोड़ देते हैं

यह भी देखा गया है कि जिन लोगों को एक बार अपने आप पर संदेह हो जाता है या अपनी योग्यता पर संदेह हो जाता है वह काम भी करना बंद कर देते हैं क्योंकि उनको लगने लगता है कि वह किसी भी काम में अच्छे नहीं है और अगर वह काम को करेंगे तो भी वह सफल नहीं होंगे और अगर वह काम को नहीं करेंगे तो भी वह सफल नहीं होंगे| इससे अच्छा तो है कि क्यों मेहनत की जाए| क्यों पसीना बहाया जाए और क्यों ऐसा काम किया जाए जिसमें हम सफल हो ही नहीं सकते| फिर उनका यही वहम उनको कभी काम नहीं करने देता है और वे काम करना बंद कर देते है|

संदेह के कारण रिश्ते टूट जाते हैं

एक बार अगर किसी को अपने रिश्तो में संदेह है हो जाए तो उनके रिश्ते जल्दी टूटने लगते हैं और वह इंसान अकेला हो जाता है| इसीलिए हम कभी भी अपने रिश्तो के अंदर संदेह को जन्म ना देने दे क्योंकि अगर इसने एक बार जन्म ले लिया तो फिर हमारे मन में अपनों के लिए ही नफरत पैदा हो जाती है और हम उन पर शक करना शुरू कर देते हैं जिनके कारण हमारे पारिवारिक रिश्ते खराब हो जाते हैं और हम अकेले पड़ जाते हैं |

इसीलिए संदेह को अपने रिश्तो से दूर ही रहे|

संदेह की बजाय खुद पर विश्वास रखें

अगर आप भी चाहते हो कि संदेह आपके मन में ना हो, तो इसके लिए सबसे जरूरी नहीं है कि हमें खुद पर विश्वास रखना चाहिए और हमें इस बात पर भी विश्वास होना चाहिए कि “मैं जो भी काम कर लूंगा उसमें में सफलता प्राप्त कर लूंगा”| इसीलिए संदेह का कोई सवाल ही नहीं है|

“मैं असफल होने ही वाला नहीं हूं तो क्यों मैं अपनी मेहनत पर शक करू” और इसी विश्वास के साथ पूरी लगन के साथ मेहनत करते रहे तो आप भी जरुर सफलता को प्राप्त करेंगे|

संदेह करना असफलता के बीज को बोने जैसा है|

  • संदेह हमारे सारे कामों को बर्बाद कर देता है|
  • वह हमारी योग्यता को पूर्ण रूप से खत्म कर देता है|
  • अगर हमारे मन में एक बार संदेह करना शुरू कर दिया तो हम कभी भी किसी भी कार्य को पूरा नहीं कर पाएंगे|

संदेह हमारे रिश्तो में जिस तरह दरारें पैदा करता है वैसे ही यह जीवन में भी करता है| और हमारे पुरे जीवन को बर्बाद कर सकता हैं|इसलिए संदेह से दूर रहे और खुद के अन्दर विश्वास भर लें और लगातार मेहनत करते रहे|

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