crossorigin="anonymous"> हार का जश्न भी मनाना सीखो learn to celebrate defeat

हार का जश्न भी मनाना सीखो learn to celebrate defeat

हार का जश्न भी मनाना सीखो  learn to celebrate defeat

आपको सुनने में शायद यह थोड़ा अजीब लगे, पर आपको अपनी हार का भी जश्न मनाना चाहिए| कुछ लोग जब भी हार जाते हैं तो वे इतना दुखी हो जाते हैं कि वे उस काम को करने की दोबारा नहीं सोचते और अगर आप उस काम को दोबारा करोगे ही नहीं, तो फिर आप उस कार्य में सफलता कैसे हासिल करोगे|

इसीलिए कहते हैं कि जब भी आपकी कोई भी योजना फेल हो जाए तो उसका जश्न मनाना चाहिए तथा आप खुश होकर  देखना चाहिए कि आपने कहां-कहां पर कौन सी गलतियां की है|

हार का जश्न मनाने के फायदे

जब भी आप अपनी हार को स्वीकार करके उसका जश्न मनाते हो, तो आप उससे यह सीखने की कोशिश करते हो कि मैंने आखिर ऐसी कौन सी गलतियां की है जिनके कारण मुझे हार का मुंह देखना पड़ा है और फिर आप उन गलतियों को सुधार कर आसानी से आगे बढ़ सकते हो|

हार का जश्न ना मनाने के नुकशान

लेकिन जब आप अपने हार का जश्न नहीं मनाते हो, तो आप उसे बहुत ज्यादा दुखी हो जाते हो| फिर आप कभी यह नहीं सोचते कि “मैं किन गलतियों के कारण असफल हुआ हूं”, बल्कि आप यही सोचते हो कि “मैं इस कार्य को कभी भी पूरा नहीं कर पाऊंगा” और आप फिर उस कार्य से पीछे हट जाते हो| अगर आप उस कार्य करने को करने से ही पीछे हट गए तो फिर आप उस कार्य में सफलता को कैसे प्राप्त करोगे| आप खुद को पराजित मान लेते हो और मेहनत करनी छोड़ देते हैं|

इसीलिए अपनी हार का जश्न मनाए| आपकी जो भी योजनाएं फेल हुई है उसका जशन मनाए(हार का जश्न भी मनाना सीखो)| क्योंकि आप जानते हैं कि आपने अपना शत प्रतिशत दिया है और अगर फिर भी आपको हार मिली है तो इससे आपको दुख नहीं होना चाहिए| फिर से अगली बार अपना शत-प्रतिशत देने की कोशिश करें और अगर आप ऐसा करेंगे तो आप इस बार पक्का सफलता को प्राप्त करेंगे| इसलिए अपनी हार का जश्न भी मनाना सीखो(learn to celebrate defeat) और अगली जीत को पक्की कर लो|


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