बिजनेस में अवचेतन मन का उपयोग करना

बिजनेस में अवचेतन मन का उपयोग करना

कुछ साल पहले मैंने बिज़नेस एक्जीक्यूटिब्ज के एक समूह के सामने कल्पना और अवचेतन मन की शक्तियों पर भाषण दिया। भाषण में मैंने यह बताया कि महान जर्मन कवि गेटे मुश्किलें और समस्याएँ आने पर अपनी कल्पना का किस तरह प्रयोग करते थे।

गेटे के जीवनी – लेखकों के अनुसार वे घंटों तक अकेले काल्पनिक बातचीत किया करते थे। वे कल्पना करते थे कि उनका कोई दोस्त उनके सामने बैठा है और उन्हें सही जवाब दे रहा है। दूसरे शब्दों में , वे यह कल्पना करते थे कि उनका दोस्त उनकी समस्या के बारे में उन्हें सही या उचित सलाह दे रहा है। वे उस दोस्त की सामान्य मुद्राओं और बोलने के खास अंदाज़ की कल्पना करते थे।वे इस पूरे काल्पनिक दृश्य को जितना वास्तविक और स्पष्ट बना सकते थे , बना लेते थे।

इस भाषण में एक युवा स्टॉकब्रोकर भी मौजूद थी । उसने गेटे की तकनीक अपना ली।वह एक परिचित करोड़पति निवेशक से काल्पनिक बातचीतें करने लगी , जिसने एक बार शेयरों के समझदारी भरे सुझाव के लिए उसे बधाई भी दी थी। उसने इस बातचीत का तब तक अभिनय किया , जब तक कि उसके मन में यह मनोवैज्ञानिक विश्वास के रूप में अकित नहीं हो गया।

इस ब्रोकर की आंतरिक बातचीत और नियंत्रित कल्पना निश्चित रूप से उसके लक्ष्य के अनुरूप भी थी। उसका काम अपने क्लाएन्ट्स को दमदार निवेश का सुझाव देना था। जीवन में उसका लक्ष्य था कि वह अपने क्लाएन्ट्स को ज्यादा से ज्यादा लाभ पहुंचाए और अपनी समझदारी भरी सलाह से उन्हें अमीर बनाए । वह अब भी अपने बिज़नेस में अवचेतन मन का उपयोग कर रही है और अपने क्षेत्र में बहुत सफल है । एक प्रमुख वित्तीय पत्रिका में हाल ही में उसका इंटरव्यू भी छपा है।

Leave a Comment