crossorigin="anonymous"> Do we really face problems-क्या सच में हमारे सामने समस्याएं आती है?

Do we really face problems-क्या सच में हमारे सामने समस्याएं आती है?

Do we really face problems-क्या सच में हमारे सामने समस्याएं आती है?

ये post(Do we really face problems) आपको unlimited motivation देगा |

कुछ लोग हमेशा भगवान से शिकायत करते रहते हैं, कि आखिर होने ही भगवान ने इतनी समस्याएं क्यों दी है, पर सवाल यह है कि क्या असल में होने भगवान समस्या दे रहा है, या वह खुद ही उन समस्याओं को पैदा कर रहे हैं|

आज का विषय – क्या सच में हमारे सामने समस्याएं आती है या हम खुद उन समस्याओं को पैदा करते हैं| यह आर्टिकल आपको बहुत कुछ सिखाएगा भी तथा आपको motivation भी देगा| यह आर्टिकल पढ़ने के बाद आप जान जाओगे, कि आखिर गरीब लोग हमेशा गरीब ही क्यों रह जाते हैं| यहां पर हम एक सफल व असफल व्यक्ति की मानसिकता पर भी चर्चा करेंगे तथा मैं आपको इसे दो अच्छे उदाहरणों के साथ समझाऊंगा |

इसीलिए आप इस आर्टिकल को पूरा ध्यान से पढ़ें और अगर आपको यह पसंद आए, तो आप इसे अपने बड़े भाई ,बहनों के साथ शेयर करके, आप हमारा हौसला बढ़ा सकते हो| आइए पहले जानते हैं, कि आखिर समस्याएं पैदा क्यों होती है|(Do we really face problems)

आखिर समस्याएं पैदा क्यों होती है|

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हमारी कुछ आदतें ऐसी होती है ,जो हमारी समस्याओं को पैदा कर देती है| समस्याएं तो शुरू में थोड़ी ही सामने आती है, पर जब हम बुरी आदतों को पकड़ लेते हैं, तो हमारी समस्या अपने आप ही बढ़ने लगती है| तो आज हम जानेंगे कि कौन सी बुरी आदतों के कारण आपकी समस्या धीरे-धीरे बढ़ने लगती है|

आपका आलस्य ही आपकी समस्या को बढ़ाता है|

क्या कोई ऐसा व्यक्ति है, जो दिन भर मजदूरी करने के बाद भी अपने परिवार का पेट नहीं भर सकता (यहां पर मैं आदर्श परिवार की बात कर रहा हूं, इसमें सिर्फ चार ही सदस्य शामिल होते हैं)

पर जब व्यक्ति आलसी हो जाता है, तो वह चाहता है कि उसे मुफ्त में अनाज मिले और मुफ्त में सोने के लिए एक अच्छी नींद मिले| पर मुफ्त में कभी भी कोई अच्छी चीज नहीं मिलती| यह पाना लगभग असंभव है|

मुफ्त में सिर्फ समस्या मिलती है व मुफ्त में कभी चैन की नींद नहीं मिलती बल्कि एक दुखती हुई नींद मिलती है, जो आपको रात भर सोने नहीं देती लेकिन अगर हम मेहनत करे, तो हमें अच्छा खाना भी मिल सकता है और एक अच्छी नींद भी मिल सकती है और इसी से हमारी समस्याएं भी कम हो सकती है|

yash choudhary (Do we really face problems)
  • अगर हम बचपन से ही मेहनत करना सीख ले तो हम अपने अंदर नहीं आदतों का निर्माण करना सीख लेंगे और वे ही आदतें हमें सफलता से परिचित करवाएगी|
  • जब हम पढ़ाई पर मेहनत करने लगे जाए, तो हमारे सामने समस्या अपने आप ही खत्म होते रहेंगे|

 मेहनत के आगे सारी समस्याएं खुद ही देर होकर चकनाचूर हो जाती है|

yash choudhary

 सारी समस्या आपके आलस्य का ही परिणाम है|

yash choudhary

 समस्याएं इतनी ताकतवर नहीं है, जो आपकी मेहनत के आगे टिक सके|

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जब कोई बच्चा गरीब घर में जन्म लेता है, तो इसका मतलब है कि उसके मां-बाप आलसी है, लेकिन जब वह गरीब घर में मरता है, तो उसका मतलब है, कि वह खुद भी आलसी था|

yash choudhary

कहने का मतलब यही है, कि समस्याएं आपके आलस्य से ही पैदा होती है| अगर आप मेहनत करना शुरू कर दो, तो धीरे-धीरे आपकी सारी समस्याएं आपके सामने से हट जाएगी और वह किसी ऐसे व्यक्ति के पास चली जाएगी जो कि आलसी है| क्योंकि समस्या इतनी ताकतवर नहीं होती ,कि वह किसी मेहनती इंसान का सामना करें| इसीलिए समस्याएं हमेशा कमजोर आलसी लोगों को ही अपना शिकार बनाती है|

  • अगर आप एक स्टूडेंट्स है, तो पढ़ाई में पूरा ध्यान लगाकर मेहनत करें|
  • और अगर आप एक नौकरी करते हो, तो आपको पूरी मेहनत करके अच्छे से अच्छा काम करना चाहिए
  •  और अगर आप बिजनेस करते हो, तो आपको मेहनत करके अपने बिजनेस को और बढ़ाने की कोशिश करनी चाहिए|

तो मैं आखिरी में यही कहना चाहूंगा, अगर हम समस्याओं का सामना एक बार करने लग जाए, तो समस्या अपने आप ही कम होती रहेंगी लेकिन अगर हम समस्याओं के सामने आलसी बनकर बैठे रहे ,तो वह समस्या हमें पूर्ण रूप से घेर लेंगे और उसके बाद हम कभी भी उनसे निकल नहीं पाएंगे |

इसीलिए हमें अपने स्वभाव को आलसी स्वभाव से मेहनती स्वभाव में बदल लेना चाहिए, ताकि हम समस्याओं से लड़कर सफलता को प्राप्त कर सके|

बिना आंधी और तूफान के इंद्रधनुष नहीं दिख सकता,
बिना बीज को बोये व पानी दिए उससे फल प्राप्त नहीं हो सकता,
बिना जमीन को खोदे आप कभी सोना व खनिज नहीं निकाल सकते,
आप खाए पिए बिना जिंदा नहीं रह सकते,
इसी प्रकार आप बिना मेहनत किए बिना कभी कुछ हासिल नहीं कर सकते| 
कुछ भी पाने के लिए आपको मेहनत करनी ही पड़ेगी|
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वह अगर आप असफलता प्राप्त करना चाहते हैं तो कुछ भी मत कीजिए| वह आपको मुफ्त में ही मिल जाएगी|

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मुफ्त में इंसान को भूख मिल सकती है, पर पेट भरने के लिए आपको मेहनत करनी पड़ती है|

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आपका नजरिया ही आपकी समस्याओं को पैदा करता है|

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कुछ दिन पहले मेरे पास बस में एक  महिला आई और बोली “मैं बहुत गरीब हूं, मेरे पास 5 बच्चे हैं और मैं उनका पेट नहीं भर पाती| कृपया आप मुझे थोड़े पैसे देकर मेरी मदद करें”| फिर मैंने उसको कुछ रुपए भी दिए|

तो आइए जानते हैं, कि वह महिला गरीब क्यों है| क्या भगवान ने उसको गरीब बनाया है या वह अपने नजरिए के कारण खुद गरीब हो गई |

  • वह अपने बच्चों का पेट नहीं भर सकती क्योंकि उसके  5 बच्चे हैं| अब आप बताओ 5 बच्चे पैदा करने का नजरिया कैसा है|
  • क्या  यह नजरिया गलत है या सही?
  • अगर आप 5 बच्चे पैदा करने के बाद भी गरीब हो, तो यह भगवान की गलती है या आपकी?
  • अगर 5 बच्चे पैदा करने के बाद में भी आपके सामने समस्याएं हैं, तो यह समस्या आपने खुद पैदा की है या भगवान ने आपको यह समस्या दी है |

मेरे कहने का मतलब यही है कि ऐसे बहुत सी महिलाएं हैं, जिन्होंने अपने आप को खुद ही अपने नजरिए के कारण कमजोर बना लिया| बहुत से गरीब लोग ऐसे हैं, जो खुद का पेट भी नहीं भर पाते फिर भी उनके 7 से 8 बच्चे होते हैं| अगर वह खुद का ही पेट नहीं भर पाएंगे, तो क्या वह 8 और बच्चों का पेट भर पाएंगे|

  • हमारे देश में गरीबी ज्यादा है, क्योंकि गलत नजरिए या नकारात्मक नजरिए वाले लोग भी ज्यादा है|
  • हमारे देश में बच्चे भूखे सोते हैं क्योंकि उनके मां-बाप का नजरिया नकारात्मक है|
  • हमारे देश में हर रोज चोरी व भ्रष्टाचारी के मामले बढ़ रहे हैं क्योंकि उनका नजरिया मुफ्त में खाने पर होता है|

तो कहने का मतलब यही है, की समस्याएं कभी भी हमें भगवान नहीं देता बल्कि हम उनको खुद अपने सोच से बनाते हैं| हमारी सोच व हमारा नजरिया ही हमारे भविष्य का निर्माण करता है| आज हम जहां भी है, वह हमारे अतीत की सोच थी, पर अगर हम हमारे भविष्य को बदलना चाहते हैं, तो हमें आज की सोच को बदलना होगा| अगर हम आज की सोच बदलते हैं, तो इसका परिणाम आने वाले 5 महीने या 6 महीने में जरूर देखने को मिलेगा|

इसीलिए हमारी सोच हमारी समस्याओं पर ध्यान ना देने की बजाय उन समस्याओं के समाधान पर ध्यान देना चाहिए तथा फिर उनके समाधान ढूंढ कर, हमें उन को खत्म करना चाहिए| एक बार जब हमारी सोच हमारी समस्याओं से हटकर समाधान के ऊपर चली जाती है, तो धीरे-धीरे अपने आप ही समस्याएं हटने लग जाती है|

(Do we really face problems)

इसीलिए हमें दृढ निश्चय कर लेना चाहिए, कि मैं समस्याओं के सामने हार ना मानकर इनसे लडूंगा|  मैं इन से लडूंगा क्योंकि मैं मजबूत हूं| मैं इनसे लडूंगा क्योंकि मैं समस्याओं में रहकर दुखी नहीं रहना चाहता और जब आप इतना पक्का दृढ निश्चय कर लेते हो तो समस्याएं आपका सामना कभी कर ही नहीं पाएंगे|

yash choudhary (Do we really face problems)

हमारा नजरिया नकारात्मक होने के कारण ही गरीबी तक पहुंचते हैं|

yash choudhary (Do we really face problems)

 हमारे रास्ते में समस्याएं मिलेंगे या अवसर अवसर, यह हमारी सोच पर निर्भर करता है|

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इसीलिए आपको हमेशा सकारात्मक सोच के साथ सकारात्मक कदम उठाने चाहिए| व समस्याओं से भागने की बजाय उनका सामना करने की सोचनी चाहिए| जब हम इस सोच के साथ व  इस नजरिए के साथ अपने जीवन को जीते हैं, तो हम कभी भी समस्याओं से हार नहीं मानेंगे और सफलता को प्राप्त करेंगे|

yash choudhary (Do we really face problems)

हमारा डर से ही हमारी समस्याएं बढ़ जाती है|

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(Do we really face problems-क्या सच में हमारे सामने समस्याएं आती है?)
  • जो लोग अपनी गरीबी से डर जाते हैं, वो  और भी ज्यादा गरीबी को पाते हैं|
  • जो लोग अपनी असफलताओं से डर जाते हैं, वो और भी ज्यादा असफलता पाते हैं|
  • जो लोग समस्याओं से डर जाते हैं तो और भी ज्यादा समस्याओं को पाते हैं|

कहने का मतलब यही है, जब हम डर जाते हैं तो हम कुछ और करना ही नहीं चाहते| हमें लगता है हमारे भाग्य में यही लिखा है| इसीलिए हम उसे बदलने की कोशिश नहीं करते|

ज्यादातर गरीब लोग कुछ भी नया करने की कोशिश नहीं करते| उन्होंने अपनी गरीबी को स्वीकार कर लिया है| उन्होंने स्वीकार कर लिया है, कि वह गरीब बनने के लिए पैदा हुए है| इसीलिए अब वह सिर्फ अपनी जिंदगी को काटना चाहते हैं और कुछ नहीं करना चाहते और अगर यह कुछ करेंगे ही नहीं तो समस्याएं उनको चारों तरफ से घेर लेंगी|

  • बहुत से छात्र है, जो यह सोच लेते हैं, कि कभी अच्छे अंक नहीं आ सकते क्योंकि उनके पास दिमाग नहीं है| और जब वह नहीं पढ़ते तो वह और भी ज्यादा समस्याओं से घिर जाते हैं|

पर असल में देखा जाए तो उनको डर है कि वह अगर पढ़ भी लेंगे तो भी कुछ नहीं कर पाएंगे| इसीलिए वह कभी पढ़ते ही नहीं है| इसी प्रकार हम में से भी कुछ लोग ऐसे हैं, जो कोशिश कभी करते ही नहीं|

  • ना हम कोई जॉब पाने की कोशिश करते हैं, क्योंकि हमको लगता है कि हम जॉब को पाने के काबिल है ही नहीं| हमको लगता है कि हमसे ज्यादा पढ़े लिखे बहुत लोग हैं, जो इस जॉब को पा लेंगे और जब हम इस तरह खुद को कमजोर समझने लग जाते हैं तभी से हमारी समस्याएं भी और ज्यादा बढ़ कर मजबूत बनने शुरू हो जाती है|

लेकिन जब हम हार ना मानकर अपने जॉब को पाने की कोशिश करते हैं, तो हम जरूर जॉब पाते हैं| अगर हम कम मेहनत करते हैं, तो हमें एक कम सैलरी वाली जॉब मिल जाती है और अगर हम ज्यादा मेहनत करते हैं, तो हमें ज्यादा सैलरी वाली जॉब मिल जाती है| बस हमारी मेहनत पर ही निर्भर करता है कि हम कैसी जॉब पाएंगे|

  • आज भी बहुत सारे युवा इसी असफलता के डर के कारण कोशिश नहीं करते हैं| तो अगर आपको भी ऐसा डर है तो आपको इस डर को छोड़कर जल्द से जल्द कोशिश करना चाहिए| अगर आप इसी तरह डर कर बैठे रहोगे, तो आपको यह समस्या पूरी तरह से घेर लेंगी और फिर आप दलदल की तरह इनमें धसते चले जाओगे|

इसीलिए आज से ही इन समस्याओं से लड़ने की सोचे और मेहनत करके जल्द से जल्द से जल्द इन से बाहर आ जाए|

जितनी ज्यादा हम कमजोर होते हैं, उतनी ही ज्यादा हमारी समस्या मजबूत होती है और जितनी ज्यादा हम मजबूत हो जाते हैं उतनी ही हमारी समस्याएं अपने आप कमजोर हो जाती है|

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समस्याओं से डर जाना समस्याओं को और भी ताकतवर बनाने जैसा है|

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 हमारा डर जितना ज्यादा होगा , हमारे पास समस्याओं की लाइन भी उतनी ही लंबी होगी|

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गलतियों से ना सीखना ही हमारी समस्याएं बढ़ाता है|

अक्सर हमारी समस्याएं इसीलिए बढ़ जाती है, क्योंकि हम गलतियों से नहीं सीखते| एक बार जब हम गलतियों से सीखने लग जाते हैं, तो हम दोबारा कभी गलती नहीं दुहराते और अगर आप कभी गलतियों को दोहराओगे ही नहीं ,तो आपके पास समस्या कहां से आएंगी|

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समस्या आखिर पैदा कैसे होती है

समस्या पैदा तभी होती है, जब हम गलतियों को दोहराते रहते हैं, लेकिन जब हम गलतियों से सीखना शुरू करते हैं तो हम एक बार की गई गलती दोबारा नहीं दुहराते और अगर हम गलती ही नहीं करेंगे तो समस्या कहां से आएगी| इसीलिए हमें गलतियों से सीखना जरूरी है|

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गलतियों से कैसे सीखे यहां पर यहां पढ़ें

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तो अगर आपको भी सफल होना है, तो आपको इन चारों नियमों को मानना होगा तथा हमारी समस्याओं की जड़ यह चार आदतें  ही है, जो हम को कमजोर बना देती है| तो अगर हम इन इन चारों नियमों का पालन करते हैं |तो हमारी समस्या धीरे-धीरे अपने आप ही खत्म हो जाएगी| अगर हम मेहनत करना सीख ले, अगर हम अपने नजरिए को बदल लें , अगर हम अपने डर पर काबू पाने और अगर हम गलतियों से सीखना सीख जाए, तो हमारे पास कोई भी समस्या ही नहीं रहेगी|

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अगर हम यह चारों काम सीख ले तो समस्या अपने आप खत्म होती रहेंगी| समस्याओं को खत्म करने के लिए

  • आपको मेहनत करनी सीखनी पड़ेगी,
  • आपको अपना नजरिया बदलना होगा ,
  • आपको अपने डर पर काबू पाना होगा,
  • आपको गलतियों से सीखना होगा

तो आप इस तरह अपनी सारी समस्याओं को खत्म कर सकते हो| तो मैं आपसे आखिर में यही कहना चाहूंगा, कि समस्या हमारे जीवन में जब आती है तब यह बहुत ज्यादा मात्रा में नहीं आती| बहुत सारी समस्याएं हम खुद ही बना लेते हैं|

जब हम एक समस्या को हल नहीं करते, तो वही समस्या धीरे-धीरे अन्य समस्याओं को भी हमारे सामने लेकर आती है| इसीलिए जैसे ही आपके सामने छोटी सी मुश्किल भी आए ,तो आपको उस मुश्किल का तुरंत समाधान कर लेना चाहिए ताकि वह समस्या और ज्यादा ना बढ़ सके|

आपने सुना ही होगा कि “अमीर के पास पैसा अपने आप आता है” उसी तरह जिस व्यक्ति के पास ज्यादा समस्याएं होती है, उसके पास और ज्यादा समस्या अपने आप ही आती है| इसीलिए हमें अपने पास कोई भी समस्या नहीं रखनी है तथा हर समस्या को सुलझाते रहना है