अपने अवचेतन मन से मार्गदर्शन कैसे पाएं

जब आपको कोई मुश्किल निर्णय लेना हो या जब आप अपनी समस्या का समाधान नहीं देख पा रहे हो तो तत्काल इसके बारे में सर्जनात्मक सोचने लग जाए अगर आप भयभीत और चिंतित रहेंगे तो आप सचमुच सोच नहीं पाएंगे सच्ची सोच डर से मुक्त होती है

यहाँ पर एक आसान तकनीक दी जा रही है , जिसके द्वारा आप किसी भी विषय पर मार्गदर्शन पा सकते हैं । How to get guidance from your subconscious mind

अपने अवचेतन मन से मार्गदर्शन कैसे पाएं How to get guidance from your subconscious mind

मस्तिष्क को शांत कर लें और शरीर को स्थिर कर लें । शरीर को आराम से रहने को कहें ; इसे आपका आदेश मानना ही पड़ेगा । इसकी कोई इच्छा , पहल या आत्म – चेतना नहीं होती है । आपका शरीर सिर्फ एक भावनात्मक डिस्क है , जो आपके विश्वासों और तस्वीरों का रिकॉर्ड रखती है ।

  • अपने ध्यान को गतिशील कर लें । अपने विचार समस्या के समाधान पर केंद्रित कर लें । .
  • इसे अपने चेतन मन से सुलझाने की कोशिश करें ।
  • सोचें कि आप आदर्श समाधान पर किस तरह खुशी जाहिर करेंगे । अगर आपको आदर्श जवाब इसी समय मिल जाए , तो कल्पना करें कि आपको कैसा लगेगा ।
  • अपने मस्तिष्क को खुशी और संतुष्टि के इस मूड से शिथिल तरीके से खेलने दें ; फिर सो जाएँ ।
  • जागने पर अगर आपको जवाब नहीं मिले , तो किसी दूसरे काम में जुट जाएँ । संभव है , किसी दूसरे काम में व्यस्त रहने पर जवाब खुदबखुद आपके दिमाग में आ जाए ।
  • अवचेतन मन से मार्गदर्शन पाने में आसान तरीक़ा ही सबसे अच्छा है । इसका एक उदाहरण देखें ।

एक बार मेरी एक क़ीमती अंगूठी खो गई , जो पारिवारिक निशानी थी । मैंने हर जगह उसकी तलाश की , लेकिन वह कहीं नहीं मिली । मैं इस नुक़सान से चिंतित और दुखी था ।

उस रात मैंने अपने अवचेतन मन से उसी तरह बात की , जिस तरह मैं किसी और से बात करता हूँ । सोने से पहले मैंने इससे कहा , ” तुम सब कुछ जानते हो । तुम जानते हो कि वह अंगूठी कहाँ है और तुम मुझे बताओगे कि वह कहाँ है । ” अचानक इन शब्दों की गूंज के साथ जागा , “ रॉबर्ट से पूछो । ” सुबह यह मुझे बहुत अजीब लगा । मैं जिस रॉबर्ट को जानता था , वह तो मेरे पड़ोसी का नौ साल का बेटा था । उसे मेरी अंगूठी के बारे में भला क्या और क्यों पता होगा

बहरहाल मैंने अपने अवचेतन की आंतरिक आवाज का पालन किया| मैंने रोबोट को उसके आंगन में देखा और मैंने उस अंगूठी के बारे में बताया मैंने पूछा तुमने ऐसी अंगूठी देखी तो नहीं है| उसने जवाब दिया जरूर दरअसल वह मुझे कल लुकाछिपी खेलते समय झाड़ियों में मिली थी| मुझे नहीं पता था कि वह किसकी है| इसीलिए मैं इसे अंदर ले आया और अपनी डेस्क पर रख दी| मैं इसके बारे में साइन बोर्ड लिखकर लगाना चाहता था लेकिन भूल गया| अवचेतन मन आपको हमेशा जवाब दे देगा बशर्तें आप इस पर भरोसा करें शर्तें |

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