भूतकाल कैसे हमारे भविष्य का शत्रु है

भूतकाल कैसे हमारे भविष्य का शत्रु है How the past is the enemy of our future in hindi

ज्यादातर लोग ही अपने भूतकाल को बार-बार अपने मस्तिष्क में घुमा रहे होते हैं और वे उन्हीं बातों को याद करते रहते हैं जब हमने गलतियां की थी और उनको लगता हैं की उन्हें वो गलतिया नहीं करनी चाहिए थी और इसका असर यह होता है कि उनका भविष्य भी बर्बाद हो जाता है|

इसीलिए कहा जाता है कि भूतकाल हमारे भविष्य का सबसे बड़ा शत्रु है और हमें इस से दूर रहना चाहिए|

आज हम बात करेंगे की आप किस तरह अपने अतीत की यादों को अपने, भूतकाल की बातों को याद करके अपने पूरे भविष्य को बर्बाद कर सकते हो और ज्यादातर लोग कर भी रहे हैं|

आइए जानते हैं कि भूतकाल कैसे हमारे भविष्य का शत्रु है|(How the past is the enemy of our future in hindi)

भूतकाल हमें आबाद नहीं बल्कि बर्बाद करता है|

जब हम बार-बार अपनी भूतकाल की यादों को याद करते रहते हैं तो इससे हमारा मन उदास हो जाता है क्योंकि व्यक्ति का चरित्र ही ऐसा है कि वह अपने भूतकाल की बुरी बातों को हमेशा याद करता है| वह उन्हीं पलों को बार बार जीता है जब उन्हें दुख का एहसास हुआ था और उनसे बहुत बड़ी-बड़ी गलतियां हुई थी और इसी सोच के चलते उनका दिमाग ऐसी घटनाओं से भर जाता है|

इससे उनका दिमाग भविष्य में भी ऐसी और घटनाओं को आकर्षित कर लेता है क्योंकि हम अपने दिमाग में जैसा रखते हैं हमें वैसा ही मिलता है| इसीलिए जो भी व्यक्ति बार-बार अपने अतीत की यादों में डूबे रहते हैं और उन पलों को याद करते रहते हैं जिन पलों में उनको बहुत ज्यादा दुख हुआ था तो वैसे ही पल भी भविष्य में भी आकर्षित कर लेते हैं| इसीलिए कहा जाता है कि भूतकाल हमें कभी भी आबाद नहीं कर सकता बल्कि बर्बाद ही कर सकता है|

इसीलिए आपको भी उन बुरे पलो को याद करने से बचना चाहिए जिन्होंने आप को दुख पहुंचाया था तथा आने वाले भविष्य के बारे में सोचना चाहिए|

दुखों की बातों से चिपके रहने का कोई फायदा नहीं है|

क्या आपने कभी सोचा है कि अगर आप बार-बार उन बातों को याद करते रहोगे जिन्होंने आपको दुख दिया था ,जब आप को बहुत बुरा महसूस हुआ था तो आप अच्छा महसूस करने लग जाओगे|

जब आप ऐसी बातों को बार-बार याद करते हो तो इसका कोई भी फायदा नहीं है और आप इसे कभी भी खुश नहीं रह पाओगे बल्कि इससे आपको दुख के सिवा कुछ नहीं मिलेगा| इसीलिए आज ही उन सभी बुरे पलों को त्याग दें क्योंकि उन से चिपके रहने का कोई फायदा नहीं है|

आप उन घटनाओं को बदल नहीं सकते लेकिन आप उनको याद करने से बच सकते हो क्योंकि वह आपको आगे बढ़ने से रोक रही है और उन बातों के बारे में याद कर के खुद के दिल को छोटा करने का कोई फायदा नहीं है |अतः अपने भूतकाल को याद करना छोड़ दें और आने वाले भविष्य के बारे में सोचना शुरु कर दें|

भूतकाल ही हमारा शत्रु है इसे छोड़ दे

अगर आप अपने भूतकाल के बुरे विचारों को अपने मन में लाएंगे तो इससे आपका मन उदासी से भर जाएगा और आपके विचार भी नकारात्मक बन जाएंगे| आपका विश्वास खुद के अंदर से टूट जाएगा और आपको लगेगा कि आप हमेशा गलतियां ही करते हैं और आप कभी कुछ अच्छा करने के लिए पैदा नहीं हुए हैं |

जरूरी है कि आप इन बातों को जाने दे और यह जान ले कि यह भूतकाल हमारा शत्रु है| इसीलिए हमें ना इसके पास रहना है ना इसके बारे में सोचना है और इससे आज ही दूर चले जाने का निर्णय ले ले| अगर हमें सोचना ही है तो क्यों ना अपने भविष्य के बारे में सोचा जाए क्योंकि भविष्य ही हमारा साथी है जो हमारे आने वाले समय में काम आएगा|

भविष्य पर ध्यान केंद्रित करना सीखे

देखा गया है कि जो व्यक्ति लगातार अपने भूतकाल पर ही ध्यान केंद्रित करते रह जाते हैं वह कभी भी अपने जीवन में आगे नहीं बढ़ पाते बल्कि जो व्यक्ति लगातार अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करते हैं उनके पास कभी भी अवसरों की कमी नहीं होती और फिर वे उन अवसरों का फायदा उठाकर सफलता को अपना गुलाम बना लेते हैं|

अतः हम अपने भूतकाल को छोड़कर अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करें और आने वाले समय पर अपनी पूरी ऊर्जा को लगा दे ताकि हम भी जल्द से जल्द सफलता को पा सके|

आज से ही भूतकाल से बाहर निकलने का निर्णय लें| आज ही सोच ले कि “मैं आज के बाद कभी भी अपने भूतकाल की बातों को याद नहीं करूंगा तथा उन पलों को कभी भी याद नहीं करूंगा, जब मैंने गलतियां की थी”|

“जो हो गया वह हो गया और मैं उसे बदल नहीं सकता बल्कि मैं आने वाले समय को बदल सकता हूं”| इसीलिए मैं अपने भविष्य के ऊपर पूरा ध्यान लगा दूंगा और नई योजनाओं को बनाऊंगा तथा अपनी पुरानी गलतियों को याद ना करने की बजाय उन को सुधार लूंगा ताकि मैं भी अपने जीवन में आगे बढ़ सकूं और यही निर्णय आपको सफलता प्रदान कर देगा |

असली समस्या हमारी सोच है

हां मैंने सही कहा | असली समस्या हमारी सोच है और हमारी सोच ही हमें पूरी तरह से बर्बाद बर्बाद कर सकती है| अतः हम अपनी सोच को विकसित करें और हमें अपनी सोच को अपने भूतकाल के बजाए अपने भविष्य पर ले जाए क्योंकि जब आप अपनी सोच को भूतकाल पर ले जाते हो तो आपके भविष्य में भी वैसी ही घटनाएं आने शुरू हो जाती है लेकिन जब हम अपनी सोच को अपने भविष्य पर केंद्रित कर लेते हैं तो

  • हमारे जीवन में सब कुछ अच्छा घटित होने लगता है|
  • हम अच्छा महसूस करने लगते हैं |
  • हमारे सामने नए अवसर पैदा होना शुरू हो जाते हैं|
  • हमारी सभी योजनाएं सफल होने शुरू हो जाती है|
  • हमारा खुद के अंदर विश्वास बढ़ जाता है|
  • हम पूरी ऊर्जा के साथ काम करते हैं|

इसीलिए अपने भूतकाल को छोड़कर आगे बढ़ते रहे|

आखिर आज हम दुखी क्यों है|

क्या आपने सोचा है कि आज हम दुखी क्यों है| असल में आज हम  दुखी इसलिए है क्योंकि हम कल दुखी थे और हम उस कल वाली बात को ही सोच कर आज दोबारा दुखी हो गए| और कल भी यही होगा कल हम दोबारा आज वाली बात को सोच कर दुखी हो जाएंगे और यही सिलसिला लगातार चलता रहता है |

जो लोग इसी तरह लगातार अपनी भूतकाल को जीते रहते हैं उनका पूरा जीवन ही दुखों से भर जाता है क्योंकि वह आने वाले समय में भी अपने पिछले वाले बातों को याद करते रहते हैं| इसी सोच के कारण  उनका भविष्य भी उनके भूतकाल के समान बन जाता है| इसीलिए जान ले लेकिन आप दुखी इसीलिए है क्योंकि आप उन्हीं बातों को बार-बार याद कर रहे हैं और अगर आप एक बार उन बातों को याद करना बंद शुरू कर देंगे तो आप भी अपने भविष्य को अच्छा बना सकते हो|

कुछ बातें याद रखें(भूतकाल कैसे हमारे भविष्य का शत्रु है)

  • अगर हम एक बार अपने भूतकाल के बारे में सोचकर भविष्य के बारे में सोचना शुरू हो जाएंगे तो इससे हमारा भविष्य अच्छा भी होना शुरू हो जाएगा और हमारे पास नए अवसर पैदा होना शुरू हो जाएंगे|
  • ज्यादातर व्यक्ति दुखी इसीलिए होती है क्योंकि अपने बीते हुए कल को याद करते रहते हैं तथा उन बातों को याद करते रहते हैं जब उनको बहुत बुरा महसूस हुआ था|
  • अगर आप अच्छा महसूस करना चाहते हो तो हमें उन बातों को भूलना होगा और आगे बढ़ना होगा| अगर हम भी अपने भूतकाल में उलझे रह गए तो हम भी अपने भविष्य पर कभी भी ध्यान केंद्रित नहीं कर पाएंगे| इसलिए जरूरी है कि हम अपने भूतकाल को छोड़कर अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करें ताकि हम अपने जीवन में कुछ हासिल कर सके|
  • सबसे बड़ी समस्या हमारी सोच है और हमें अपनी सोच के ऊपर विजय प्राप्त करनी होगी और अगर हमने ऐसा कर लिया तो हम भी अपने विचारों को अपने मन के मुताबिक सोच सकते हैं और उनके ऊपर काम करके उनको सकारात्मक बना सकते हैं|
  • अगर हमें ध्यान केंद्रित ही करना है तो क्यों ना अपने भविष्य के ऊपर केंद्रित किया जाए क्योंकि भूतकाल के ऊपर ध्यान केंद्रित करने से हमें कुछ भी अच्छा नहीं मिलेगा क्योंकि भविष्य ही हमारा साथी है और आने वाले समय में हमारा ही साथ देगा| इसीलिए जरूरी है कि हम भूतकाल के बजाए अपने भविष्य पर ध्यान केंद्रित करें और उस को सफल बना ले|
  • जितनी जल्दी हम भूतकाल के बारे में सोचना बंद कर देंगे उतनी ही जल्दी हम आगे बढ़ना शुरू कर देंगे क्योंकि भूतकाल हमारा शत्रु है और भविष्य हमारा साथी है| इसीलिए हमें भविष्य के बारे में सोचना होगा और उसी के साथ आगे बढ़ना होगा|
  • जो बातें बीत गई है उसको हम बदल नहीं सकते बल्कि हम उनके बारे में सोचना बंद कर सकते हैं| अतः अपने भूतकाल की सभी बातों को सोचना बंद कर दे और अपने जीवन में आगे बढ़ने का संकल्प ले ले|
  • याद कर ले कि भूतकाल हमें सिर्फ आप बर्बाद कर सकता है कभी भी आबाद नहीं कर सकता बल्कि हमें अपने भविष्य को आबाद करना है| इसीलिए मैं भूतकाल को याद करके खुद को दुःख देना बंद कर दें |