crossorigin="anonymous"> how to criticize someone with love -आलोचना कैसे करें

how to criticize someone with love -आलोचना कैसे करें

Contents hide

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

आलोचना एक दवा की तरह होती है, अगर सही समय पर सही तरह से दी जाए, तो वह लाभदायक साबित होती है| पर अगर गलत तरह से इसके ज्यादा मात्रा दी जाए, तो वह नुकसानदायक भी साबित होती है|

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

पर ज्यादातर लोग आलोचना करने का गलत तरीका अपनाते हैं| कुछ लोग इसको इतने प्यार से आलोचना करते हैं, कि कोई भी अपनी आदतों में सुधार ही नहीं कर पाता और कभी-कभी इतनी कठोर रूप से आलोचना की जाती है, कि खुद में सुधार करना व अपने रिश्तो को बचाए रखना बहुत मुश्किल हो जाता है|

तो आज मैं आपको बताऊंगा कि आलोचना कैसे करें how to criticize with love

  • सही आलोचना करने का क्या मकसद होना चाहिए|
  • गलत तरीके से की गई आलोचना के क्या क्या नुकसान हो सकते हैं|
  • सही तरीके से की गई आलोचना के कौन से कौन से फायदे हैं
  • तथा आपको आलोचना करने के सही तरीके भी बताऊंगा(आलोचना कैसे करें how to criticize with love)

आलोचना करने का मकसद क्या होना चाहिए What should be the purpose of criticism

आपकी आलोचना का मकसद किसी व्यक्ति को भावनात्मक रूप से चोट पहुंचाने के बजाय उस को प्रेरित करने व उसकी आदतों में सुधार करने तथा उसको ईमानदार बनाने का होना चाहिए |हमारा मकसद यह एहसास कराने का होना चाहिए, कि यह तुम्हारे लिए सही है और अगर आप इन आदतों को नहीं बदलोगे तो यह तुम्हारे भविष्य व कैरियर के लिए सही नहीं होगा|

गलत तरीके से की गई आलोचना के नुकसानDisadvantages of unfairly criticized

जब हम गलत तरीके से आलोचना करते हैं, तो हमारे रिश्ते भी कमजोर होते हैं और इस आलोचना से कुछ सीखने को भी नहीं मिलता| गलत तरीके से की गई आलोचना उस दवा की तरह ही है, जो बेहिसाब ज्यादा देने से शरीर अस्वस्थ भी हो जाता है| इसीलिए अगर हम गलत तरीके से आलोचना करते हैं, तो इससे सामने वाला इंसान जिसकी हम आलोचना कर रहे हैं ,वह कभी सुधार भी नहीं कर पाता और वह खुद को किसी काम का भी नहीं समझता|

सही तरह से आलोचना करने के फायदे Advantages of criticizing properly

  • सही तरह से आलोचना करने से सामने वाला व्यक्ति प्रेरित भी होता है तथा उसको अपनी गलतियों का एहसास भी होता है|
  • सही तरह से आलोचना करने के बाद व्यक्ति अपनी गलतियों को मानकर उनको सुधारने की तुरंत ही कोशिश करता है|
  • सही तरह से आलोचना करने के बाद व्यक्ति खुद में सुधार करना जरूरी समझता है|
  • सही तरह से आलोचना करने के बाद व्यक्ति खुद की अहमियत को भी समझने लगता है|
  • सही तरह से आलोचना करने के बाद व्यक्ति खुद को ईमानदार बनाने की पूरी कोशिश करता है तथा खुद को बेहतर बनाने की भी पूरी कोशिश करता है|

तो अगर आप किसी की सही तरह से आलोचना करते हैं, तो वह खुद में सुधार भी कर पाता है तथा वह अपनी गलतियों को भी जल्द से जल्द सुधार कर एक अच्छे इंसान के रूप में खुद को पेश करने की पूरी कोशिश करता है|

तो आइए आप जानते हैं कि आलोचना करने के 10 तरीके कौन से है|

आलोचना करने के सही तरीके Right way to criticize

अब मैं आपको ऐसे 10 तरीके बताऊंगा, जिनसे आप किसी की आलोचना करके उनके प्रदर्शन में सुधार कर सकते हैं| इस तरह आलोचना करने से आप उन्हें उनकी गलतियों का एक समाधान भी सुझाव सकते हैं| इस तरह आलोचना करने के बाद वह इंसान खुद को प्रेरित भी कर पाएगा तथा खुद की आपकी नजरों में एहमियत भी समझ पाएगा|

तो आइए शुरू करते हैं वह तरीके से नंबर 1

इरादों की नहीं काम की आलोचना करें Criticize work not intentions

अक्सर लोग दूसरे के इरादों की ही आलोचना करते रहते हैं| इरादों की आलोचना करने से इंसान गुस्सा भी हो जाता है तथा आपको भी गलत समझता है| आइए उदाहरण से समझते हैं |

  • जब आप के कम अंक आते हैं और आपके माता पिता कहते हैं, कि “तुम्हारा तो इरादा ही कम अंक लाने का था| तूने कभी ज्यादा अंक लाने की सोची ही नहीं”| तो आप कैसा महसूस करोगे या इसकी जगह आपसे कहते हैं
  • “कि तुम ज्यादा अंक लाना तो चाहते थे, पर तुमने अपनी सोच के मुताबिक पढ़ाई नहीं की| जितनी अंक तुम्हारे लाने का इरादा था, अगर उतनी ही तुम मेहनत करते तो शायद तुम बड़ी आसानी से इतने  अंक ला सकते थे जितने की  तुम लाना चाहते थे|

 तो जब आपकी कोई नंबर 1 तरीके वाले से आलोचना करता है, या आप किसी की करते हैं तो आप उसमें कोई सुधार नहीं कर सकते लेकिन नंबर दो की तरह की गई आलोचना से आप आलोचना भी कर सकते हैं और उस गलती का समाधान भी दे सकते हैं| इस तरह से की गई आलोचना आप को सुधारने का एक मौका देगी|

 आइए और उदाहरणों के माध्यम से इसे अच्छी तरह समझते हैं|

  • तुम कभी कोई काम अच्छी तरह करना ही नहीं चाहते (गलत तरीके से की गई आलोचना)
  • तुम काम करना तो चाहते हो, पर तुम्हारा ध्यान कहीं और रहता है| (आलोचना करने का सही तरीका)
  • तुम बिल्कुल अच्छे ड्राइवर नहीं हो (गलत तरीके से की गई आलोचना)
  • तुम ड्राइवर तो अच्छे हो पर तुम्हें थोड़ा और ज्यादा ध्यान सामने रखना चाहिए (सही तरीके से की गई आलोचना)

तो जब भी किसी की आलोचना करे तो हमें कभी भी उसकी क्षमता पर सवाल नहीं उठाने चाहिए और ना ही उसके इरादों की आलोचना करनी चाहिए| हमें सिर्फ उसको यह दिखाना है, कि आपका काम गलत है ना कि आपके इरादे| और अगर आप अपने काम में करने वाले गलतियों को सुधार लो, तो आप बेहतर काम कर सकते हो|

तो याद रखिए कभी भी किसी की इरादों की बजाय या उसकी क्षमता पर सवाल उठाने की बजाय, उसके काम की आलोचना करें व  उसकी गलतियों की आलोचना करें|

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

next rule of how to criticize with love

कठिन शब्द के प्रयोग करने से बचे Do not use harsh words

आलोचना कैसे करें how to criticize with loveaakash poonia quotesmotivationforlife.in
आलोचना कैसे करें how to criticize with love

हमें आलोचना करते वक्त कभी भी ऊंची आवाज में बात करने से बचना चाहिए| हमें आलोचना करते वक्त कभी भी कठोर शब्दों व गालियों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए|

आप खुद सोचिए जब आपसे कोई भी ऊंची आवाज में बात करता है, तब आपको कैसा लगता है |

आपको जब कोई गालियां देता है तो आपको कैसा लगता है|

तो कठोर शब्दों का प्रयोग करने से कभी भी आप किसी को प्रेरित नहीं कर सकते तथा ना ही आप उसको कभी सुधार सकते हो| इसीलिए हमें आलोचना कोमल आवाज में करनी चाहिए, ताकि वह इंसान (जिसकी हम आलोचना कर रहे हैं) खुद की गलतियों को स्वीकार करके उसमें सुधार कर सकें|

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

सही शब्दों का चयन करें Choose the correct words

आलोचना करते वक्त सही शब्दों का चयन करना भी बहुत ही ज्यादा महत्वपूर्ण है| आइए जानते हैं, हमें किन शब्दों का चयन नहीं करना चाहिए|

  • तुम तो हमेशा ही ऐसा करते हो|
  • क्या आज तक तुमने कोई काम सही तरह किया है|
  • तुम्हारा प्रदर्शन ही हमेशा ही खराब रहा है और आगे भी रहेगा|
  • मुझे नहीं लगता, तुम कभी भी खुद में सुधार कर पाओगे|
  • आपने क्या सच में कभी कोई काम अच्छा किया है या नहीं|
  • तुम क्यों कोई काम सही तरह नहीं कर सकते|

ऐसे सब्द से यह आपकी आलोचना को कमजोर बना देता है और इस तरह की आलोचना को सुनकर कोई भी खुद में सुधार नहीं कर सकता|

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

मैं आपको बताता हूं, कि आपको आलोचना करते वक्त किन शब्दों का इस्तेमाल करना चाहिए|आलोचना कैसे करें how to criticize with love

  • तुमने आज तक सभी काम सही किये है, पर पता नहीं आज आपने कैसे गलत कर दिया
  • मुझे लगता है, तुम अगली बार इस काम को सही तरीके से करोगे|
  • तुम अच्छा काम कर सकते हो, बस तुम्हें थोड़ा ध्यान देने की आवश्यकता है|
  • तुम हमेशा अपने काम में हमेशा अच्छे रहे हो और आगे भी रहोगे|
  • बस तुम अपनी ये गलती सुधार लो फिर तुम एकदम परफेक्ट बन जाओगे|

तो अगर आप इन शब्दों का चयन करते हो, तो सामने वाला (जिसकी आप आलोचना कर रहे हो) ऐसे शब्द सुनकर खुद को प्रेरित करते हुए  सुधार भी कर पाएगा और आपकी आलोचना का बुरा भी नहीं मानेगा|

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

next rule of how to criticize with love

गलती का कारण पूछे Ask the reason for the mistake

आलोचना में अक्सर दोनों व्यक्ति शामिल होते हैं, एक वो  जिसकी आलोचना हो रही है और एक वो जो आलोचना कर रहा है| तो अगर यह सिर्फ एक ही तरफ से हो यानी आलोचना करने वाला आलोचना करते ही जा रहा है और सुनने वाला आलोचना को सुन ही रहा है तो यह आलोचना नहीं बल्कि बेइजती होती हैं|

 तो अगर ऐसी आलोचना होती है, तो वह बिल्कुल ही गलत तरीके से की गई आलोचना है| सही तरह से की गयी आलोचना में हमेशा जिसकी आलोचना हो रही है, उसको भी बोलने का मौका दिया जाना चाहिए| उससे भी पूछा जाना चाहिए, कि आखिर उनसे गलती कहां हुई है और आपसे कैसी हुई है| इस तरह ही यह आलोचना और भी आसान बन जाती है|तब इसमें सीखने लायक भी बहुत कुछ होता है|

तो जब भी आप किसी की आलोचना कर रहे हो, तो उसे भी अपनी तरफ से बोलने का पूरा मौका दें| ताकि वह भी अपना पक्ष रख सके और खुद को आईने में परख सके|

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

next rule of how to criticize with love

उस पर भरोसा जताएं Trust him

आलोचना कैसे करें how to criticize with loveaakash poonia quotesmotivationforlife.in
आलोचना कैसे करें how to criticize with love

आलोचना करते वक्त आपको उसको (जिसकी आप आलोचना कर रहे हो) यह भी एहसास दिलाना चाहिए, कि आप उस पर भरोसा करते हैं| भरोसा जताना बहुत जरूरी है| जब आप किसी पर भरोसा जताते हैं, तो उसको अपनी अहमियत समझ में आती है|

अगर कोई काम गलत कर दे, तो आप उसे वही काम दोबारा दे और कहे कि मुझे तुम पर पूरा भरोसा है| तुम इस बार इस काम को सही तरह से करोगे| मुझे तुम पर पूरा भरोसा है, तुम इस बार गलती को नहीं दोहराओगे|

तो आपको हमेशा भरोसा जरूर जताना  चाहिए और आलोचना करते वक्त भरोसे शब्द का इस्तेमाल बार-बार करते रहना चाहिए|

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

next rule of how to criticize with love

अकेले में आलोचना करें Criticize alone

आलोचना को हमेशा अकेले में ही किया जाना चाहिए| सबके सामने आलोचना करने से व्यक्ति का आत्मसम्मान गिर जाता है और खुद को नालायक समझने लगता है| सबके सामने आलोचना करने से बहस जैसा माहौल बन जाता है तथा उसमें दोनों अपने आप को सही ठहराने की कोशिश करने लग जाते हैं| तो अगर आपको भी किसी में सुधार करना है, तो उसकी आलोचना हमेशा अकेले में ही करें, क्योंकि सबके सामने आलोचना करने से सुधार संभव ही नहीं होता बल्कि सबके सामने बहस का ही जन्म होता है|

सबके सामने कभी आलोचना नहीं बल्कि बेइजती की जाती हैं|

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

सफाई का मौका देंGive a chance to clean up

जब भी आप किसी की भी आलोचना करें, तो उसको भी अपना पक्ष रखने का मौका दिया जाना चाहिए, ताकि वह भी आपको बता सके, कि उस से जो गलती हुई है, वह कैसे हुई है| जब आप किसी को सफाई देने का मौका देते हैं, तो इससे आप स्थिति को और भी अच्छी तरह से समझ सकते हैं तथा फिर सुधार करना और भी ज्यादा आसान हो जाता है |

इसीलिए आलोचना करते वक्त सामने वाले को सफाई देने का मौका जरूर दें, इसे वह भी थोड़ा रिलैक्स हो कर आराम से बातें कर सकता है और खुद में सुधार भी कर सकता है|

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

पूरी बात को समझे Get the whole thing

  • हमें आलोचना करने से पहले पूरी बात को समझना चाहिए, कि आखिर हम किस बात की आलोचना करने जा रहे हैं?
  • क्या हमारे द्वारा आलोचना करना बिल्कुल उचित है?
  • क्या सच में उसने (जिसकी हम आलोचना करना चाहते हैं) कोई गलती की है?
  • क्या आलोचना करना बिल्कुल सही कदम होगा?
  • हम किस तरह आलोचना करें कि वह खुद में सुधार कर सके?

तो जब आप इन सभी सवालों का जवाब जान लें तो उसके बाद ही आपको आलोचना करनी चाहिए| इससे आपको भी पूरी स्थिति समझ में आ जाती है तथा आलोचना को लाभदायक भी बनाया जा सकता है|

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

गलतियों के बारे में बताएं Explain the mistakes

जब भी आप आलोचना कर रहे हो , तो आपको यह भी जरूर बताना चाहिए, कि आप उसकी आलोचना क्यों कर रहे हो| आखिर उसने क्या गलती की है, जिसके कारण आपको आलोचना करने पर मजबूर होना पड़ा| गलतियां बताने के बाद आपको उन गलतियों का समाधान भी बताना चाहिए. कि कैसे वो  खुद में सुधार करके अपनी स्थिति को सुधार सकता है|

तो हमेशा आलोचना करते वक्त पहले गलतियों को बताएं, फिर उन गलतियों को सही करने के तरीके भी बताए| यह आलोचना उसको प्रेरित भी करेगी तथा उसको सीखने को भी बहुत कुछ मिलेगा|

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

तारीफ भी करें Also praise

आलोचना करते वक्त आपको उसकी तारीफ भी करनी चाहिए, कि वह अपने काम में कितना अच्छा है तथा आप मुझे कितना पसंद करते हैं| आपको उसे यह भी बताना चाहिए कि, आप उसकी आलोचना इसीलिए कर रहे हो, क्योंकि आप उसमें सुधार होते हुए देखना चाहते हैं |आप उसकी आलोचना कर रहे हो, क्योंकि आप उन्हें पसंद करते हैं|

तो आलोचना करते वक्त ,काम उसकी आलोचना के साथ-साथ उसके पहले द्वारा किए गए कामों की तारीफ व  इमानदारी की तारीफ भी करनी चाहिए| उसने आज तक आपके लिए जो भी किया है, उसकी तारीफ करके उसको खुद की अहमियत समझा सकते हो|

इसीलिए आलोचना में तारीफ करने का भी बहुत बड़ा रोल होता है, इसीलिए आलोचना करते वक्त तारीफ जरूर करें|

आलोचना कैसे करें how to criticize with love

sandwich method का उपयोग करें

आलोचना करने के लिए आप sandwich method का भी उपयोग कर सकते हो| जिसके बारे में मैंने पहले विस्तार से बताया था| यह विधि आलोचना करने का बेहतर तरीका है व व्यवसायिक क्षेत्र में बहुत प्रसिद्ध भी है|इसे आप विस्तार से यहां पढ़ सकते हैं

final word(आलोचना कैसे करें how to criticize with love)

तो आप इन तरीकों से किसी की भी आलोचना कर सकते हो तथा उसको उसकी गलतियां बता कर उसमें सुधार कर सकते हो| यह तरीके जहां आलोचना करने वाले को महत्वपूर्ण महसूस कर आएंगे, वहीं पर उसको गलतियां बता कर उसमें सुधार भी करेंगे| इस प्रकार की आलोचना आपकी टीम की  कार्य क्षमता को और भी ज्यादा बढ़ा देती है तथा अगर आप एक लीडर है, तो आपकी लोकप्रियता भी बढ़ जाती है|

तो अगर आप भी किसी की आलोचना करना चाहते हैं, तो इसी तरह आप को इन बातों का पालन करना चाहिए|

  • आलोचना करते वक्त आपको कभी भी किसी के इरादों की आलोचना नहीं करनी है, हमें सिर्फ और सिर्फ उसके  काम की आलोचना करनी है|
  • आलोचना करते वक्त हमें कभी भी कठोर शब्दों का उपयोग नहीं करना है|
  • आलोचना करते वक्त कभी भी अपनी पर्सनल नाराजगी जाहिर ना करें व गाली भी ना दें|
  • आलोचना करते वक्त कभी भी उसकी क्षमता पर सवाल ना उठाए|
  • आलोचना करते वक्त आपको सही शब्दों का चयन करना चाहिए|
  • आलोचना करते वक्त सामने वाले से भी उसकी गलती का कारण पूछे|
  • आलोचना करते वक्त सामने वाले को भी बोलने का पूरा मौका दिया जाना चाहिए ताकि वह अपने पक्ष में सफाई दे सके|
  • आलोचना करते वक्त उसको बताना चाहिए, कि आप उस पर कितना भरोसा करते हैं व हमें उस पर भरोसा जताना भी चाहिए|
  • आलोचना कभी भी सार्वजनिक रूप से नहीं करनी चाहिए बल्कि अकेले में ही करनी चाहिए|
  • कभी भी पूरी बात को समझे बिना आलोचना नहीं करनी चाहिए|
  • आलोचना करते वक्त गलतियों के समाधान भी समझाने चाहिए|
  • आलोचना करते वक्त हमें तारीफ का भी इस्तेमाल करना चाहिए|
  • आप आलोचना को sandwich method द्वारा भी कर सकते हो|

 तो आप इन तरीकों से किसी की भी आलोचना करके उसमें सुधार कर सकते हो|

गलत तरीके से की गई आलोचना के तरीके Ways of unfairly criticized

आलोचना कैसे करें how to criticize with loveaakash poonia quotesmotivationforlife.in
आलोचना कैसे करें how to criticize with love

  • गलत तरीके से की गई आलोचना हमेशा एक तरफा होती है|
  • गलत तरीके से की गई आलोचना में हमेशा गालियों व  कठोर शब्दों का प्रयोग किया जाता है|
  • गलत तरीके से की गई आलोचना में कामों की बजाय इरादों पर सवाल उठाए जाते हैं|
  • गलत तरीके से की गई आलोचना कभी भी सफाई देने का मौका नहीं दिया जाता|
  • गलत तरीके से की गई आलोचना अक्सर सार्वजनिक रूप से होती है|
  • गलत तरीके से की गई आलोचना में हमेशा बहस का जन्म होता है|
  • गलत तरीके से की गई आलोचना में हमेशा गलतियों पर बात होती है ना कि उनके समाधान ऊपर बात होती है|
  • गलत तरीके से की गई आलोचना में हमेशा तारीफ के बजाय बुराई ही बुराई होती है|
  • गलत तरीके से की गई आलोचना में इंसान की क्षमता पर सवाल उठाए जाते हैं|
  • गलत तरीके से की गई आलोचना सामने वाले को कमजोर महसूस कराने की पूरी कोशिश की जाती है|
  • गलत तरीके से की गई आलोचना से व्यक्ति का आत्मसमान बिलकुल गिर जाता हैं|

3 thoughts on “how to criticize someone with love -आलोचना कैसे करें”

Leave a Comment