crossorigin="anonymous"> कल्पना शक्ति साधारण शक्ति नहीं है - Motivation For Life

कल्पना शक्ति साधारण शक्ति नहीं है

कल्पना शक्ति ने बड़े-बड़े आविष्कार कर दिए हैं|अगर किसी को कल्पना की शक्ति का पता लग जाए तो जीवन में क्रांति लाई जा सकती है| जीवन की धारा ही बदल सकती है|इसलिए कल्पना शक्ति साधारण शक्ति नहीं है

जब आप हर क्षण हर दिन उठते बैठते अपने लक्ष्य की बात ही सोचेंगे, उसी दिशा में बढ़ेंगे, उसी की कल्पनाओं में खोए रहेंगे तो लक्ष्य मिलना असंभव नहीं हो सकता|

ऐसी बहुत सी हरे-भरे मैदान और खेत है जो पहले उबर खाबर या पठार थे जहा कुछ भी उत्पादन नहीं होता था| आज वहां पर फसल लहरराती हैं| फुल महकते हैं या पार्क बने हुए हैं|

यह कैसे हो गया?

परिश्रम से किसी महत्वकांक्षी की कल्पना का यह साकार रूप होता है |कल्पना शक्ति से आगे बढ़ने और सफलता को पाने के दृढ़ संकल्प वाले व्यक्तियों ने ही तो पहाड़ों को मैदान बना दिया| पहाड़ों में उद्यान लगा दिए या शुष्क मरुस्थल में लहरें बहा दी|

प्रत्येक मनुष्य के भीतर शक्ति का स्रोत है| कोई ना कोई शक्ति, कोई ना कोई प्रतिभा प्रत्येक में छुपी हुई है|

मनुष्य ऐसे भूखंड की भांति है जिसके भीतर अपार सम्पदा छुपी होती है बस उसे ढूंढने की जरूरत है| अपनी शक्ति को पहचानें अपने आप को जाने और पूरी लगन, पूरी सख्ती और विश्वास के साथ अपनी मंजिल की ओर बढ़े| अपनी शक्ति में विश्वास रखकर आप सपनों की मंजिल की ओर बढ़ेंगे तभी तो आपको मंजिल मिलेगी|

जो व्यक्ति मूर्ख और आलसी होते हैं भाग्य और किस्मत की बात करते हैं| कुछ लोग दूसरों की सफलता से जला करते हैं वहीं पर कुछ लोग अपने प्रतिद्वंदी से आगे निकलने के लिए दोगुनी मेहनत करके आगे बढ़ते रहते हैं|

दूसरों को धनवान देखकर भाग्य की बात करने वाले कभी भी सफल नहीं होते बल्कि सफल वे लोग होते हैं जो दूसरों के भाग्य की तारीफ ना करके अपने भाग्य को बनाने में विश्वास करते हैं और पूरी मेहनत के साथ अपने जीवन में अपार सफलता को ले आते हैं|

खेत में किसान बीज डालता है और बीज से अंकुर तभी होता है जब वह खूब जुताई, बिजाई निराई, गुड़ाई सिंचाई और देखभाल करता है| केवल बीज बो देना पर्याप्त नहीं है |इच्छा का पैदा होना तो केवल बीज बोने भर है| शेष काम तो रहे ही गए| शेष काम तो रहे ही गए| बीज बोने के बाद भी बहुत परिश्रम की आवश्यकता है|

जिस प्रकार बिना सच्चाई निराई और बिना परिश्रम के किसान खेत से अनाज नहीं ले सकता| उसी प्रकार केवल इच्छा भी पर्याप्त नहीं है| इच्छा के साथ आपको प्रयास भी करने होंगे और लगातार परिश्रम भी करना होगा तभी आप सफलता को हासिल कर पाओगे|

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