खरीदने और बेचने में सफल कैसे बने

खरीदने और बेचने में सफल कैसे बने– खरीदते या बेचते समय याद रखें कि आपका चेतन मन स्टार्टर है और आपका अवचेतन मन मोटर है । आप मोटर चालू करेंगे , तभी यह काम शुरू कर पाएगी । आपका चेतन मन आपके अवचेतन मन की शक्ति को जगाता है । अपनी स्पष्ट इच्छा , विचार या छवि को अपने अवचेतन मन तक पहुंचाने का पहला कदम उसे शांत करना है , ध्यान को गतिहीन करना है , स्थिर होना है और शांत बनना है । शिथिल , निष्क्रिय और शांत मानसिक नजरिया बाहरी नामलों तया गलत विचारों को अवचेतन मन तक पहुंचने और लक्ष्य में हस्तक्षेप करने से रोकता है । यही नहीं , मस्तिष्क के शांत , निष्क्रिय और ग्रहणशील

पीछे कूड़ेदान की तरफ़ ले गया । मैंने उसे फेंकते हुए कहा , “ मदद के लिए धन्यवाद , लेकिन अब मुझे तुम्हारी ज़रूरत नहीं है । ” मैं गहरी संतुष्टि के एहसास के साथ सोने गया कि काम पूरा हो गया था । अगले दिन एक आदमी ने मुझे उस मकान का बयाना दे दिया और कहा , ” अब आप उस साइनबोर्ड को फेंक सकते हैं । अब आपको उसकी ज़रूरत नहीं है । ” मैंने उसकी सलाह पर अमल किया । मैंने साइनबोर्ड उखाड़ा और उसे फेंक दिया । आंतरिक क्रिया ने बाहरी क्रिया को साकार कर दिया । इसके बारे में नया कुछ नहीं है ।

 जैसा भीतर , वैसा बाहर । दूसरे शब्दों में , आपके अवचेतन मन पर छपी तस्वीर जैसी होगी , वैसा ही दृश्य आपके जीवन के पर्दे पर उभरेगा । बाहरी स्वरूप आंतरिक स्वरूप का प्रतिबिंब दिखाता है । बाहरी कर्म आंतरिक कर्म का अनुसरण करता है ।

जायदाद बेचने का प्रभावी तरीका

यहाँ घर , ज़मीन या जायदाद बेचने का एक और प्रभावी तरीका बताया जा रहा है । धीरे – धीरे , शांति से और भावना के साथ यह सकारात्मक घोषणा करें : असीमित बुद्धिमत्ता इस मकान के उस ख़रीदार को मेरी ओर आकर्षित कर रही है , जो इसे चाहता है और इसमें समृद्ध होता है । इस ख़रीदार को मेरे पास मेरे अवचेतन मन के रचनात्मक ज्ञान ने भेजा है , जो कभी गलतियाँ नहीं करता है । हो सकता है , वह ख़रीदार कई और मकान देखे , लेकिन मेरा मकान ही उसे पसंद आएगा और वह इसे ही ख़रीदेगा , क्योंकि उसके भीतर की असीमित बुद्धिमत्ता उसका मार्गदर्शन करेगी । मैं जानता हूँ कि ख़रीदार सही है , समय सही है और क़ीमत सही है । इसके बारे में हर चीज़ सही है । मेरे अवचेतन मन का अधिक गहरा प्रवाह अब हम दोनों को दैवी विधान में एक साथ ला रहा है । मैं जानता हूँ कि ऐसा ही है ।

हमेशा याद रखें कि आप जिसे खोज रहे हैं , वह भी आपको खोज रहा है । कोई न कोई हमेशा रहता है , जो उसी मकान या जायदाद को ख़रीदना चाहता है , जिसे आप बेचना चाहते हैं । अपने अवचेतन मन की शक्तियों का सही इस्तेमाल करके आप अपने मस्तिष्क से प्रतिस्पर्धा का सारा एहसास और खरीदने – बेचने की सारी चिंता ख़त्म कर देते हैं ।

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