लक्ष्य ना भूले

आपका अभीष्ट मनवांछित फल अगर आपको नहीं मिल पा रहा है और आप मजबूरी में या अपने प्रिय जनों का मन रखने के लिए या माता-पिता की आज्ञा अनुसार अथवा घर का काम चलाने के लिए आप एक अनिश्चित कार्य कर रहे हैं तो अपने लक्ष्य ना भूले| और

  • आप धैर्य रखिए,
  • चिंतित मत होइए,
  • परेशान मत होइए,
  • अपने लक्ष्य को मत भूलिए
  • अपने उद्देश्य को मत भूलिए

अरुचिकर काम करते रहिए पर फिर भी हर वक़्त अपने असली उद्देश्य को याद रखिए| उस लक्ष्य को पाने के लिए बराबर कोशिश करते रहिए |यही विश्वास और परिश्रम एक दिन आपको अपने मनचाहे लक्ष्य तक पहुंचा देगा|

अनेक वैज्ञानिक जिस प्रयोग में असफल रहे , जिस समस्या को सुलझाने में असफल रहे निराशा होकर बैठ गए उसे एडिशन ने कर दिखाया क्योंकि वह निराश नहीं हुए| उसके आत्मविश्वास और दृढ़ संकल्प ने उसे आगे बढ़ाया अपने अविष्कार में सफल होकर उसने संसार में एक महान आविष्कारक होने का गौरव पाया |

जो व्यक्ति अपने सपनों पर ऐसा अटूट विश्वास लेकर आगे बढ़ता है उसके लिए सफलता के द्वार सदैव खुले रहते हैं |

लक्ष्य ना भूले

आत्मविश्वास एक अमरदीप है| ऐसा अमरदीप जिसके उज्जवल प्रकाश में आप बढ़ते रहे| कितना भी अंधेरों से भरा रास्ता हो क्यों ना हो फिर भी घबराने की क्या आवश्यकता है| जब आपके हाथों में आत्मविश्वास का अमरदीप है|इसी अमरदीप से मार्ग में प्रकाश होता चला जाएगा| मंजिल पर जब आप पहुचोगे तो प्रकाश भी तो साथ पहुंचेगा| वो होगा आत्मविश्वास के दीपक का उज्जवल प्रकाश|

अमेरिका के एक राष्ट्रपति हुये है अब्राहम लिंकन | जो एक साधारण मनुष्य थे| साधारण मनुष्य से भी वे अमेरिका के सर्वोच्च पद पर आधारित राष्ट्रपति बने थे|

कैसे?

यह कोई चमत्कार या देवी शक्ति का करिश्मा ना था और ना लिंकन के भाग्य का चमत्कार था| लिंकन की अत्यधिक इच्छा, आंतरिक प्रेरणा और आत्मविश्वास का परिणाम था| यही ईश्वरीय प्रेरणा हर बार हर एक को मिलती है| सभी मनुष्य को ईश्वर का यह संदेश मिलता है| यही संदेश उसका पथ प्रदर्शक बनकर उसके ठीक ठाक राह पर ले जाता है|

जो जो मनुष्य ईश्वर के संदेश को जीवन में अपना लेता है और उसकी आज्ञा का पालन करता है, आत्मविश्वास और दृढ़ निश्चय के साथ मंजिल की ओर बढ़ता है वह महान बन जाता है फिर आप क्यों नहीं बन सकते|

संसार में जितने भी सफल हुए हैं आप उनकी भूतकाल को देखें| उनके अतीत के इतिहास पर नजर डालें| सभी ने आप ही की तरह कष्ट देखे हैं उन्होंने महान बनने का सपना देखा| अत्यधिक इच्छा के साथ आत्मविश्वास को बोया  और मेहनत करते-करते आगे बढ़ते गए| सफलता के द्वार उनके लिए खुलते चले गए|

जो सफलता उच्च शिखर पर पहुंचने के सपना देखा करते थे वे उस तक पहुंच जाते हैं| इसलिए अपनी मंजिल तक पहुंचने के लिए मंजिल को सदा आंखों के आगे रखना चाहिए|

लक्ष्य ना भूले

लक्ष्य सदा आंखों के सामने रहना चाहिए| विश्वास सदा मजबूत रहना चाहिए|

लक्ष्य ना भूले

इच्छाओं के साथ विश्वास रहना चाहिए जहां विश्वास रुक जाएगा वहां सफलता भी रुक जाएगी|

लक्ष्य ना भूले

विश्वास ही तो वह अनंत शक्ति है जो सफलता का कारण बनती है|

लक्ष्य ना भूले

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