crossorigin="anonymous"> life motivational Words मैं कैसे कर सकता हूं वाली सोच रखिए

life motivational Words मैं कैसे कर सकता हूं वाली सोच रखिए

life motivational Words मैं कैसे कर सकता हूं वाली सोच रखिए

ज्यादातर लोग अपने जीवन में एक ही सोच रखते हैं| वे कहते हैं “मैं इसे नहीं कर सकता” और उनकी यही सोच उन को कमजोर बना देती है| वहीं पर कुछ ही लोग यह सोच रखते हैं कि “मैं इस काम को कैसे कर सकता हूं”|

वो हर काम के बारे में यही सोचते हैं कि “मैं इस काम को कैसे कर सकता हूं”| वहीं पर असफल लोग सोचते रहते हैं कि “मैं इस काम को नहीं कर सकता नहीं कर सकता”| बल्कि अगर आपको अपने जीवन में सफलता प्राप्त करनी है तो आपको भी हर काम के बारे में यही सोचना चाहिए कि :मैं इसे कैसे कर सकता हूं” और उसके बारे में लगातार सोचना चाहिए|

“मैं नहीं कर सकता” सोच को जाने दो

अपने जीवन में सफलता प्राप्त करने का पहला नियम यही है कि आप सबसे पहले यह सोच सोचना छोड़ दें कि “मैं कुछ भी नहीं कर सकता हूं”| जब भी आपके दिमाग में यह सोचे  कि “मैं कुछ भी नहीं कर सकता हूं” तो अपने आप पर ध्यान लगाए और सोचे कि “क्या आप सच में कुछ भी नहीं कर सकते हो” “क्या आप इतने कमजोर हो कि आप कुछ भी नहीं कर पाओगे”

और यह सोचने के बाद में आपको पता चलेगा कि आप ही आप को कमजोर बना रहे हो| आप इतने भी कमजोर नहीं जितने आप सोच रहे हो|

करने के तरीकों के बारे में सोचें

जब आप इस  सोच को जाने दो| फिर आप अपने मन से कहे कहे कि “मैं इस काम को कैसे कर सकता हूं”| लगातार इस चीज के ऊपर मंथन करते रहे कि “मैं इस काम को कैसे कर सकता हूं “

और फिर आपको दिमाग में इतने सारे विचार आएंगे कि जितने आप सोच भी नहीं सकते| आपको उस काम के करने के इतने सारे तरीके नजर आएंगे कि आपको लगेगा कि “हां मैं से आसानी से कर सकता हूं”|

इसीलिए आप जो भी काम करना चाहते हो उसके लिए आज एक पेन और कागज उठा ले और फिर सोचे कि आप किन-किन तरीकों से इस काम को कर सकते हो और फिर देखना आपके दिमाग में कितनी सारी योजनाएं अपने आप ही आ जाएंगे|

दिमाग में योजनाओं का अभाव नहीं बस हमारे सोचने का अभाव है

  • हमारा दिमाग योजनाओं से भरा हुआ है| बस हमें उसे काम पर लगाना होगा| अगर हम इस सोच के साथ अपने दिमाग को पैदा करते हैं कि “मैं से नहीं कर सकता हूं” तो हमारा दिमाग कभी भी हमें किसी भी तरह की योजनाएं नहीं बतायेगा |
  • लेकिन जब हम यह सोचना शुरू कर देते हैं कि “मैं इसे कर सकता हूं” तो हमारा दिमाग हमें अपने आप ही नई नई योजनाएं देता है ताकि हम उस काम को पूरा कर सकें|
  • इसीलिए आज ही जान ले कि आपके दिमाग में योजनाओं का अभाव नहीं है बल्कि आप खुद अपनी योजनाओं को बाहर नहीं निकाल रहे हो|

इसीलिए आज से ही अपने दिमाग का इस्तेमाल करें और योजनाओं को बाहर निकालना सीखें|

तो अगर आप इन तीनों नियमों का पालन करते हो तो आपकी भी सोच “मैं नहीं कर सकता” से यह हो जाएगी कि “मैं इसे कर सकता हूं”|

बस इसके लिए आपको यह सोचना है कि “मैं से कैसे कर सकता हूं” और जब भी आपके मन में योजनाएं आए तो उन योजनाओं पर काम करे|

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