crossorigin="anonymous"> दुख कि नहीं सुख की राह पर चलो Walk on the path of happiness not sadness

दुख कि नहीं सुख की राह पर चलो Walk on the path of happiness not sadness

दुख कि नहीं सुख की राह पर चलो Walk on the path of happiness not sadness

जीवन का सबसे बड़ा सच तो यह है कि हम सुखी रहना ही नहीं चाहते| हम सिर्फ दुख की राह पर ही चलना चाहते हैं और फिर हम इसके लिए ईश्वर को दोष देते हैं|

क्या सच में हम ही खुद को दुःख देते हैं| Are we really grieving ourselves?

ज्यादातर लोग कहते रहते हैं कि ईश्वर ने उनके जीवन में सुख लिखा ही नहीं है| लिखा है तो दुख ही दुख लिखा  है| पर सच यह नहीं है सच यह है कि वे खुद हर समय दुखी रहना चाहते हैं| वे खुद को दुख में रखते हैं| उनके सामने इतनी परेशानियां नहीं होती, जितनी भी देखते हैं और वे उन्हें परेशानियों को द देख कर खुद के मन को दुखी कर लेते हैं और उनके विचार भी उसी तरह की हो जाते हैं|

अगर हमने अपने विचारों को ही दूषित कर लिया है तो हमारे जीवन का दूषित होना भी एक परम सत्य ही है| इसीलिए बहुत जरूरी है कि हम दुख की राह की बजाय सुख की राह चुने| खुद को हमें दुख दे उस से अच्छा की सुख दे|

खुद को दुःख से दूर कैसे रखे How to keep yourself away from sadness

अगर हमारा मन रोने का है तो हमें उसमें हंसने की कोशिश करनी चाहिए और फिर देखना कुछ ही सेकंड में हमारा मन पूरी तरह से बदल जाता है और हमारे शरीर के अंदर नहीं भावना पैदा होती है जो हमें खुशी देती है|

इसीलिए हमें दुख की राह को छोड़कर सुख की राह को अपनाना चाहिए क्योंकि दुख हमें दर्द के सिवा कुछ नहीं दे सकती बल्कि सुखी हमें वह सब कुछ दे सकता  है जो हमें जीवन से चाहिए|

इसीलिए मैं आपको 5 नियम बता रहा हूं जिनको आपको पालन करना है और आपको अपने विचार उसी तरह की रखनी है|

  • जब भी आपको लगे कि आपके मन के अंदर नकारात्मक विचार आ रहे हैं, कुछ अच्छा सोचने की कोशिश करें| उनके बारे में सोचें जिनसे आप प्यार करते हैं या भी आपसे प्यार करते हैं और फिर देखना आप की भी नकारात्मक विचार अपने आप दूर हो जाएंगे|
  • जब भी गहरे सदमे में हो या दुख में हो तो हंसने की कोशिश करें| खुद को आईने में देखें और कहे कि” हां मैं बहुत मजबूत हूं और मैं दुख के काबिल नहीं हूं “|यह कहने के कुछ देर बाद ही आपका मन बदल जाएगा और आप हंसने लग जाओगे|
  • जब भी आप दुख में हो या आपके अंदर नकारात्मक विचार आए बाहर जाए और खुले में थोड़ी सांस लें| अपने सभी विचारों को सांस की तरह ही बाहर निकल जाने दे और खुद के अंदर दुःख को मिटाकर कुछ अच्छा सोचने की कोशिश करें|
  • जब भी आप दुखी हो तो देखिए कि आप किस कारण दुखी हो| क्या सच में ही आपके सामने समस्याएं हैं ? या आप खुद को जानबूझकर दुखी रखने की कोशिश कर रहे हो| अगर आप इस तरह से हर चीज की पड़ताल करेंगे तो आपको पता चलेगा सिर्फ दुख आपके मन का वहम हैं और  आपके पास सुखी रहने के भी बहुत सारे कारण हैं| बस आप उन कारणों को देख नहीं पा रहे हैं और आपका मैंने तुरंत ही खुशी से भर जाएगा
  • हारने वाले नजरिए को खुद से दूर रखेंगे तो आपका मैंने तुरंत ही खुशी से भर जाएगा|
  • जब भी आप दुःख में हो तो ईश्वर के विचारों पर ध्यान दें| ईश्वर के बारे में सोचें और सोचे कि ईश्वर आपके साथ है और वह आपको कभी भी दुख नहीं दे सकता| इस तरह से करने से भी आपका मन उदासी से दूर हो जाएगा|

तो आज ही इन सभी बातों को ध्यान रखें और खुद के मन को दुख की राह के बजाय सुख की राह पर ले जाए और अनंत खुशी को महसूस करें|

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