crossorigin="anonymous"> बच्चे पढ़ते नहीं क्या करे - Motivation For Life

बच्चे पढ़ते नहीं क्या करे

अगर आपके घर में भी बच्चे हैं और वे पढ़ते नहीं है तो आज हम आपको बताएंगे कि आपको ऐसी स्थिति में क्या करना चाहिए|

सभी पेरेंट्स का सपना होता है कि उनके बच्चे मन लगाकर पढ़ाई करें, पर वह अपने मन को पढ़ाई में नहीं लगा पाते हैं| अगर आप आज के बताये गए तरीकों पर काम करते हो तो आपके बच्चों का भी मन पढ़ाई में लगने लग जाएगा और आपको पता चल जाएगा कि जब आपके बच्चे नहीं पढ़े तो आपको क्या करना चाहिए|

आइए जानते हैं बच्चे पढ़ते नहीं क्या करना चाहिए|What should children do if they do not read in hindi

ज्यादा प्रेशर ना बनाएं

अगर आपके बच्चे पढ़ नहीं रहे हैं, तो आपको उन पर ज्यादा प्रेशर नहीं बनाना चाहिए और उनको ज्यादा पढ़ाई करने के लिए मजबूर नहीं करना चाहिए क्योंकि कोई भी व्यक्ति जबरदस्ती पढ़ाई नहीं कर सकता|

अतः उनको अपने हिसाब से और अपने तरीके से पढ़ने दे|

आप उनको आराम से समझा सकते हो कि पढ़ाई का महत्व कितना ज्यादा है और उनको फिर थोड़ा बहुत पढ़ने के लिए कह सकते हो| पर ज्यादा प्रेशर बनाना अच्छा नहीं होता है|

कम समय से शुरुआत करें

अगर आपके घर में भी बच्चे हैं और वे पढ़ नहीं रहे हैं तो ऐसा कभी नहीं होगा कि वे पहले दिन से ही 10 घंटे पढ़ने शुरू हो जाएंगे| आप उन्हें पहले दिन कह सकते हो कि आपको आज 1 घंटे पढ़ना है और जब वे लगातार हर दिन 1 घंटे पढ़ने लग जाए, तब आपको उनका समय बढ़ाकर 2 घंटे कर देना है|

इसी प्रकार आप उनका समय बढ़ाते रहे|फिर इस तरह धीरे-धीरे पढ़ने की उनको आदत लग जाएगी और फिर भी अपने आप ही अपने पढ़ने का समय बढ़ाते चले जाएंगे|

इसीलिए हमेशा याद रखे की शुरुआत हमेशा कम समय से ही करें यही बेहतर होगा|

मोबाइल का समय कम करें

ज्यादातर घरों में आज मोबाइल है और इसका असर बच्चों पर भी पड़ता है| वह भी बचपन में ही मोबाइल को चलाना सीख जाते हैं और पढ़ाई से अपना ध्यान हटाना शुरू कर देते हैं| इसीलिए हम अपने बच्चों को ज्यादा मोबाइल ना चलाने दे और उनसे मोबाइल को दूर ही रखें|

आप अपने बच्चों के मोबाइल चलाने का समय कम कर सकते हो ताकि उस समय बचे हुए समय में पढ़ाई पर ध्यान लगा सके|

नया टाइम टेबल बनाएं

अगर आपके बच्चे भी पढ़ नहीं रहे हैं तो इसका मतलब यह हो सकता है कि आपके बच्चों के पास पढ़ने का एक अच्छा टाइम टेबल नहीं है| इसीलिए आप अब थोड़ा सा समय निकाल कर अपने बच्चों के अनुकूल टाइम टेबल बनाए| जिस टाइम टेबल को अपनाकर वे आसानी से पढ़ भी सके और उन को अच्छी तरह से समय भी मिल सके|

नयी लाइब्रेरी बनाएं

बहुत बच्चों की यह भी परेशानी होती है कि उनके घर में इतना ज्यादा शोर शराबा होता है जिसके कारण भी अपना ध्यान पढ़ाई पर नहीं लगा पाते हैं| अगर आपके घर का माहौल भी ऐसा ही है तो आज ही अपने बच्चों के लिए एक लाइब्रेरी बनाये या कहीं बाहर लाइब्रेरी में पढ़ने के लिए भेज दे |

आप अपने घर ऐसे हिस्से  में लाइब्रेरी बना सकते हो जहां पर ज्यादा आवाज न जाए ताकि वह वहां पर बैठकर अपना पूरा ध्यान पढ़ाई में लगा सके|

घर के माहौल को सुधारे

अगर आपके घर का माहौल नकारात्मक है और हमेशा आपकी आपस में लड़ाई होती रहती है| अगर आप एक दूसरे पर चिलाते रहते हैं तो इससे आपके बच्चे भी चिंतित होने लगते हैं और उनका भी ध्यान पढ़ाई में नहीं लग पाता|

इसीलिए हम अपने घर के माहौल को सकारात्मक रखें ताकि हमारे बच्चे भी सकारात्मक रहकर पढ़ाई पर ध्यान दे सकें|

महापुरुषों के बारे में बताएं

अगर आपके भी बच्चे पढ़ नहीं रहे हैं तो इसका मतलब यह होता है कि आपके बच्चे पढ़ने के लिए प्रेरित नहीं है और भी अच्छी तरह से नहीं जानते कि वह पढ़ कर क्या हासिल कर सकते हैं | इसीलिए आपको उनको ऐसी कहानियां सुनानी चाहिए जिनके द्वारा जान सके कि वह पढ़ कर क्या क्या हासिल कर सकते हैं और पढ़ाई का महत्व हमारे जीवन में कितना जरूरी है|

जब आप उनको महापुरुषों के बारे में बताएंगे तथा ऐसे लोगों के बारे में बताएंगे जिन्होंने पढ़कर अपने सपनों को पूरा कर लिया, तो वह भी प्रेरित होंगे और पढ़ना शुरू कर देंगे|

आप उनको बताएं कि आप हमें क्या बनता देखना चाहते हैं

जब भी आप अपने बच्चों के साथ थोड़ा समय बिताये तो उनको बताना चाहिए कि आप उनको क्या बनते हुए देखना चाहते हैं| जब आप उनको बताएंगे कि मैं चाहता हूं कि तुम यह नौकरी करो तो| वह भी प्रेरित हो उठेंगे और उनको लगेगा कि उनके अंदर भी कुछ खास प्रतिभा है | तब भी अपने लिए काम ना करके वे आपके लिए काम करना शुरू कर देंगे और पढ़ना शुरू कर देंगे|

दोस्तों की संगत पर ध्यान दें

अगर आपके बच्चों का भी पढ़ाई पर ध्यान नहीं है तो हो सकता है कि आपके बच्चों के दोस्त ही गलत हो और फिर गलत संगत के शिकार हो रहे हो| ज्यादातर बच्चे अपने दोस्तों की वजह से भी नहीं पढ़ पाते हैं|

इसीलिए जरूरी होता है कि आप उनके दोस्तों को बदल दे या कुछ ऐसे दोस्तों से अपने बच्चों को मिल जाए जो पढ़ने में बहुत ज्यादा होशियार हो और फिर हमारे बच्चे भी उस होशियार बच्चे की तरह ही पढ़ना शुरू कर देंगे|

स्कूल बदल दे

बहुत बार बच्चे स्कूल के कारण भी नहीं पढ़ पाते है क्योंकि स्कूल में कुछ ऐसे उनके दोस्त होते हैं जो उनको चिढ़ाते हैं या उनको कमजोर दिखाने में तुले हुए रहते हैं|अगर आपके बच्चों की स्कूल की भी ऐसी स्थिति है जहां पर अच्छा स्टाफ नहीं है या जहां पर अच्छे दोस्त नहीं है तो आप अपने बच्चों के स्कूल चेंज करवा दें| ताकि वह भी अपना पूरा ध्यान पढ़ाई पर लगा सके और खुद को बदल सके|

अगर आप आप भी इन तरीको पर काम करते हो तो हो तो आपके बच्चे भी पढ़ाई में अव्वल हो जाएंगे और लगातार पढ़ना शुरू कर देंगे


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