दुखों में भी मुस्कुराना क्यों आवश्यक है Why it is necessary to smile even in sadness in hindi

दुखों में भी मुस्कुराना क्यों आवश्यक है और इस आदत के क्या फायदे हैं|

जब आप चारों तरफ से दुख हो उसे सह रहे हो और आप रो रहे हो तो क्या इससे आपके दुख दूर हो सकते हैं?

दुख का समय जैसा है वैसा ही चलेगा| वह  आपके रोने से बिल्कुल नहीं जाएगा इसीलिए क्यों ना दुख  में भी हँसा जाए ताकि हमारा मन कभी भी उदास ना हो और हम तुरंत ही उससे बाहर आ सके|

कुछ लोग ऐसे होते हैं जिनको जरा सा दुख क्या हो जाता है वे रोना आरंभ कर देते हैं| वह कहना शुरू कर देते हैं कि उनकी किस्मत खराब है| ईश्वर ने उनके जीवन में दुख ही दुख लिखे हैं और वह तनाव में आना शुरू हो जाते हैं और काम भी करना बंद कर देते हैं|

  • वहीं पर कुछ लोग ऐसे होते हैं जब वह दुखों से घिर जाते है तो वह रोने की बजाय हंसते हैं|
  • खुद को खुश रखने की कोशिश करते हैं|
  • सभी के साथ अच्छे से पेश आते हैं और इसी कारण उनके दुख बहुत जल्दी कट जाते हैं|

दुखों में मुस्कुराना क्यों जरूरी है?

जब आप दुखों में मुस्कुराते हो तो इससे आपका मन खुश हो जाता है| जो व्यक्ति ज्यादा रोते हैं या ज्यादा उदास रहते हैं वह कभी अच्छी तरह से काम भी नहीं कर पाते हैं और अपने भविष्य के लिए अच्छी योजनाएं भी नहीं बना पाते है|

अगर हम अपने भविष्य के लिए अच्छी योजनाएं बनाकर सफल होना चाहते हैं तो सबसे जरूरी यही है कि हम हमेशा शांत रहें और खुश रहें क्योंकि जब हम खुश रहते हैं तभी हम अच्छी तरह से योजनाएं भी बना सकते हैं और लगातार काम भी कर सकते हैं |

क्या आपने कभी कोई देखा है कि रोने वाला व्यक्ति बहुत साहसी हो, हिम्मतवाला हो या अच्छे काम करने वाले हो? ज्यादातर ऐसे ही लोग ही साहसी होते हैं जो दिखने में खुश होते हैं और हमेशा खुश रहते हैं |

इसीलिए दुखों में भी मुस्कुराना आवश्यक है क्योंकि जब आप मुस्कुराते रहोगे तो आप आगे भी बढ़ते रहोगे और आप के प्रेरणा की भी कमी नहीं होगी|

रोने का कोई फायदा नहीं

  • अगर आपने दुख के अंदर मुंह लटका लिया और काम करना बंद कर दिया तो इससे क्या फायदा होगा|
  • अगर आपके पास पैसे नहीं है और आप पैसों का रोना रोते रहते हो ,तो कैसे आपके पास पैसे आ जाएंगे ?
  • दुखों में जोर जोर से रोने से और ईश्वर को दोष देने से क्या आपके दुख दूर चले जाएंगे?

शायद ऐसा कभी नहीं होगा और अगर हम उन दुखों में भी अपने आप को शांत रखें और यह सोचे कि है दुख का समय है और यह थोड़ी ही देर में कट जाएगा तो फिर जल्द ही सुख का समय आ जाएगा|

इसीलिए जरूरी है कि हम अपने दुख के समय में मुह लटकाने की बजाय उसको अच्छी तरह से काट ले और दुख के समय भी हमें मुस्कुराते रहना चाहिए और अपने भविष्य से अपना ध्यान नहीं हटाना चाहिए |

इसीलिए दुखों में मुस्कुराते रहो और हमेशा आगे बढ़ते रहो|

दुख के बदले कैसे दुख ही मिलता है

  • अगर आप दुखों में भी दुखी रहते हो तो इसका परिणाम यह होता है कि वह दुख आपसे हटते ही नहीं है क्योंकि हम जैसे अपने अंदर भावनाओं को पैदा करते हैं वैसे ही भावनाएं हमारे सामने भविष्य में उभर जाती है |
  • अगर हम दुखों में भी दुखी रहने की कोशिश करते हैं तो भविष्य में भी हमें दुखी ही रहना पड़ेगा लेकिन जब हमारे सामने दुख का समय आए और उस समय भी हम खुश रहे तो भविष्य में भी हम खुश रहेंगे क्योंकि वह ऐसी ही भावना हमारे भविष्य को सुखी बना देती है |

इसीलिए जरूरी है कि चाहे समय कैसा भी हो हमें हमेशा हर हाल में खुश ही रहना चाहिए ताकि हम अपने भविष्य को तो कम से कम अच्छा बना सके और वैसा बना सके जैसा हम चाहते हैं|

अगर आप भी अपने भविष्य में हंसना चाहते हो और अपने दुखों को दूर करना चाहते हो तो आपकी हालत चाहे कैसी भी हो हमें हर हाल में खुश रहना चाहिए|


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